Parliament Deadlock: सरकार चर्चा के लिए तैयार, लेकिन विपक्ष भाग रहा है; किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर साधा निशाना

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Parliament Deadlock: सरकार चर्चा के लिए तैयार, लेकिन विपक्ष भाग रहा है; किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर साधा निशाना

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध को लेकर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। रिजिजू ने आरोप लगाया कि सरकार संसद में महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन विपक्ष लगातार चर्चा से बच रहा है और सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है। उन्होंने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में ऐसी स्थिति बेहद निराशाजनक और समझ से परे है।

संसदीय कार्य मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए भी तैयार है। इसके बावजूद विपक्ष संसद में बहस नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संसद का सबसे महत्वपूर्ण काम चर्चा और बहस के माध्यम से जनता से जुड़े मुद्दों पर विचार करना है। अगर सदन में चर्चा ही नहीं होगी तो संसदीय लोकतंत्र कैसे आगे बढ़ेगा।

रिजिजू ने विपक्ष के रवैये पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि विपक्षी सांसद लगातार नारेबाजी कर रहे हैं, तख्तियां दिखा रहे हैं और सदन की कार्यवाही में व्यवधान पैदा कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने संसद में इस तरह का व्यवहार सामान्य बना लिया है, जबकि संसद का मूल उद्देश्य सार्थक बहस और चर्चा करना है।

उन्होंने कहा कि सरकार सदन में उठाए जाने वाले मुद्दों पर जवाब देने के लिए तैयार रहती है। ऐसे में विपक्ष को भी अपनी बात संसद के भीतर रखने का अवसर इस्तेमाल करना चाहिए। रिजिजू के मुताबिक, संसद के बाहर राजनीतिक बयान देने के बजाय विपक्ष को सदन के भीतर चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए, ताकि सरकार से सीधे सवाल पूछे जा सकें और उनका जवाब भी रिकॉर्ड में आए।

गृह मंत्री अमित शाह द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखे गए पत्र को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों पर भी रिजिजू ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री को पत्र इसलिए लिखना पड़ा क्योंकि विपक्ष की ओर से लगातार सदन की कार्यवाही बाधित की जा रही थी।

अमित शाह ने अपने पत्र में लोकसभा अध्यक्ष से कहा था कि सरकार छात्र आंदोलनों और NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। गृह मंत्री ने स्पीकर से विपक्ष से परामर्श करके चर्चा का समय तय करने का आग्रह किया था। साथ ही उन्होंने कहा था कि इन महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के लिए जितना समय उचित समझा जाए, उतना समय दिया जा सकता है।

रिजिजू ने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठकों का हवाला देते हुए कहा कि सरकार सत्र की शुरुआत से ही NEET पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर संसद के भीतर जवाब देने के लिए तैयार रही है। उनका कहना था कि सरकार ने कभी चर्चा से इनकार नहीं किया, बल्कि वह चाहती है कि विपक्ष इन मुद्दों पर सदन में चर्चा करे।

संसदीय कार्य मंत्री ने विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर विपक्ष के पास किसी मुद्दे को लेकर गंभीर सवाल हैं तो उन्हें संसद में उठाया जाना चाहिए। सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने का सबसे प्रभावी माध्यम सदन में चर्चा और बहस ही है। ऐसे में सदन की कार्यवाही बाधित करने से जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा का अवसर ही खत्म हो जाता है।

संसद में गतिरोध के बीच सरकार और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बना हुआ है। सरकार जहां चर्चा के लिए तैयार होने का दावा कर रही है, वहीं विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर अपनी मांगों को लेकर सदन में विरोध प्रदर्शन कर रहा है। इस राजनीतिक खींचतान के बीच संसदीय कार्य मंत्री का बयान सरकार के रुख को स्पष्ट करता है कि वह विपक्ष के साथ बहस और चर्चा के लिए तैयार है।

रिजिजू ने कहा कि संसद लोकतांत्रिक व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण मंच है और यहां राजनीतिक मतभेदों के बावजूद चर्चा का रास्ता खुला रहना चाहिए। उन्होंने विपक्ष से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने देने और महत्वपूर्ण मुद्दों पर बहस में भाग लेने की अपील की।

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