Nanded School Roof Collapse: चलती क्लास में सरकारी स्कूल की छत गिरी, 6 छात्राएं घायल; एक की हालत गंभीर
Nanded School Roof Collapse: चलती क्लास में सरकारी स्कूल की छत गिरी, 6 छात्राएं घायल; एक की हालत गंभीर
महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में गुरुवार को सरकारी स्कूल में उस वक्त बड़ा हादसा हो गया, जब पढ़ाई के दौरान जर्जर क्लासरूम की छत का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। हादसा माहुर तहसील के सकुर स्थित जिला परिषद प्राथमिक स्कूल में हुआ। छत और सीमेंट-कंक्रीट का मलबा गिरने से छह छात्राएं घायल हो गईं, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के समय कक्षा में पहली से पांचवीं तक की करीब 15 से 20 छात्राएं मौजूद थीं।
जानकारी के मुताबिक, स्कूल में रोज की तरह पढ़ाई चल रही थी। छात्राएं कक्षा में बैठकर पढ़ाई कर रही थीं, तभी अचानक छत का प्लास्टर और उसका भारी हिस्सा नीचे आ गिरा। छत गिरते ही क्लासरूम में धूल और मलबा फैल गया और बच्चों में चीख-पुकार मच गई। अचानक हुए हादसे से स्कूल परिसर में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना के तुरंत बाद स्कूल में मौजूद शिक्षकों ने तेजी से कार्रवाई की। शिक्षकों ने बच्चों को मलबे के बीच से बाहर निकाला और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसके बाद घायल छात्राओं को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, गंभीर रूप से घायल एक छात्रा का उपचार जारी है, जबकि अन्य पांच छात्राओं को अपेक्षाकृत मामूली चोटें आने के बाद प्राथमिक उपचार दिया गया।
बताया गया है कि जिस समय छत का हिस्सा गिरा, उस वक्त कक्षा में बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद थीं। ऐसे में हादसा और गंभीर रूप ले सकता था। शिक्षकों की तत्काल प्रतिक्रिया के कारण सभी बच्चों को कक्षा से बाहर निकालने में मदद मिली।
हादसे के बाद स्कूल भवन की स्थिति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि स्कूल की इमारत पहले से जर्जर हालत में थी। हालांकि, भवन की वास्तविक स्थिति, छत गिरने के तकनीकी कारण और किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
घटना ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा और पुराने स्कूल भवनों के रखरखाव को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्कूलों की इमारतों की नियमित जांच, जर्जर हिस्सों की मरम्मत और विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े इंतजामों को लेकर प्रशासन की जिम्मेदारी एक बार फिर चर्चा में है।
फिलहाल घायल छात्राओं का इलाज कराया जा रहा है और हादसे की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों की ओर से भवन की स्थिति और छत गिरने के कारणों की जांच किए जाने के बाद ही आगे की तस्वीर साफ होगी।