Delhi Education Scheme: बच्चों की पढ़ाई के लिए दिल्ली सरकार देगी हर महीने 500 से 1000 रुपये, 14 अगस्त तक आवेदन का मौका
Delhi Education Scheme: बच्चों की पढ़ाई के लिए दिल्ली सरकार देगी हर महीने 500 से 1000 रुपये, 14 अगस्त तक आवेदन का मौका
नई दिल्ली। दिल्ली में निर्माण श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई को आर्थिक सहारा देने के लिए शिक्षा सहायता योजना के तहत वित्तीय मदद दी जा रही है। दिल्ली भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड यानी DBOCWW Board में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को कक्षा के अनुसार हर महीने 500 रुपये से लेकर 1,000 रुपये तक की सहायता मिल सकती है। इस योजना के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 14 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।
इस योजना का लाभ दिल्ली के सभी नागरिकों को नहीं मिलेगा। शिक्षा सहायता की यह सुविधा केवल उन निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए है, जिनके माता-पिता दिल्ली भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकृत सदस्य हैं। बोर्ड की ओर से शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता को Rule 281 के तहत सूचीबद्ध किया गया है।
बोर्ड की मौजूदा जानकारी के अनुसार बच्चों को उनकी कक्षा के आधार पर अलग-अलग राशि दी जाती है। कक्षा 1 से 8 तक पढ़ने वाले बच्चों को हर महीने 500 रुपये यानी सालाना 6,000 रुपये की सहायता मिलती है। कक्षा 9 और 10 के विद्यार्थियों के लिए यह राशि 700 रुपये प्रति माह यानी सालाना 8,400 रुपये है। वहीं कक्षा 11 और 12 में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को 1,000 रुपये प्रति माह यानी सालाना 12,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।
शिक्षा सहायता प्राप्त करने के लिए सबसे जरूरी शर्त यह है कि बच्चे के माता-पिता में से संबंधित निर्माण श्रमिक का DBOCWW Board में वैध पंजीकरण होना चाहिए। बोर्ड के नियमों के अनुसार भवन एवं निर्माण श्रमिक के तौर पर पंजीकरण के लिए सामान्य तौर पर श्रमिक की उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए और पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन निर्माण कार्य किया होना आवश्यक है।
पंजीकरण होने के बाद श्रमिक को अपनी सदस्यता का हर साल नवीनीकरण भी कराना होता है। शिक्षा सहायता योजना बोर्ड के पंजीकृत सदस्यों के बच्चों के लिए लागू है। इसका उद्देश्य निर्माण श्रमिक परिवारों के बच्चों की पढ़ाई में आर्थिक मदद करना और उन्हें शिक्षा जारी रखने में सहयोग देना है।
इस योजना के लिए विद्यार्थियों की उपस्थिति भी महत्वपूर्ण है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार आवेदन करने वाले विद्यार्थी की कम से कम 50 प्रतिशत उपस्थिति होना जरूरी बताया गया है। योजना का लाभ शिक्षा निदेशालय से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के विद्यार्थियों के अलावा केंद्रीय विद्यालय, दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के स्कूल, NDMC स्कूल और MCD स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी मिल सकता है।
शिक्षा सहायता के लिए आवेदन करते समय कई जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। इनमें निर्धारित आवेदन फॉर्म, निर्माण श्रमिक का वैध रजिस्टर्ड प्रमाण पत्र या पासबुक, स्कूल से प्रमाणित अटेंडेंस सर्टिफिकेट, विद्यार्थी का स्कूल पहचान पत्र और पिछली कक्षा की मार्कशीट शामिल हैं। इसके अलावा आधार संबंधी जानकारी, DBT के लिए बैंक खाते की जानकारी और आधार कार्ड की फोटोकॉपी भी आवश्यक दस्तावेजों में शामिल हैं।
सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक पात्र निर्माण श्रमिकों को निर्धारित दस्तावेजों के साथ संबंधित जिला कार्यालय में आवेदन करना होगा। आवेदन की अंतिम तारीख 14 अगस्त 2026 है। ऐसे में जिन पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चे इस योजना की पात्रता पूरी करते हैं, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।
बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर शिक्षा सहायता योजना से जुड़ी जानकारी के साथ लाभार्थियों के पुराने रिकॉर्ड भी उपलब्ध हैं। बोर्ड ने वर्ष 2009 से अलग-अलग वर्षों में शिक्षा सहायता जारी किए जाने से संबंधित रिकॉर्ड भी प्रकाशित किए हैं।
इस योजना के माध्यम से निर्माण श्रमिक परिवारों के बच्चों को पढ़ाई के दौरान मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके शैक्षणिक खर्चों में मदद कर सकती है। कक्षा के अनुसार निर्धारित राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के माध्यम से पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। पात्रता और दस्तावेजों की शर्तें पूरी करने वाले श्रमिक परिवारों के लिए 14 अगस्त की समय सीमा महत्वपूर्ण है।