Panchkula Murder: मेड ने पति और बेटे के साथ मिलकर की रिटायर्ड कैप्टन की पत्नी की हत्या, छत पर छिपाई लाश; CCTV फुटेज से खुला पूरा राज
पंचकूला। हरियाणा के पंचकूला में रिटायर्ड कैप्टन की पत्नी की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सेक्टर-21 में रहने वाले रिटायर्ड कैप्टन मनमोहन लाल सिंह की पत्नी नीरा मेहता की हत्या के मामले में पुलिस ने घरेलू सहायिका, उसके पति और बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने इस हत्याकांड की पूरी साजिश का खुलासा कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में घरेलू सहायिका सुनीता देवी और उसका बेटा हत्या के बाद नीरा मेहता के शव को घर से बाहर ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद दोनों शव को पड़ोसी की छत पर ले जाकर चादर से ढक देते हैं, ताकि किसी को शक न हो। पुलिस का कहना है कि हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने और वारदात को छिपाने की पूरी कोशिश की, लेकिन कैमरों में कैद तस्वीरों ने उनकी साजिश बेनकाब कर दी।
जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या के पीछे पुरानी रंजिश थी। पुलिस के मुताबिक, कुछ समय पहले घर में हुई चोरी की घटना के बाद घरेलू सहायिका पर शक जताया गया था। आरोप है कि उसे बार-बार चोर कहकर अपमानित किया जाता था, जिससे उसके मन में बदले की भावना पैदा हो गई। इसी रंजिश के चलते उसने अपने पति और बेटे के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपियों ने पहले नीरा मेहता की हत्या की और फिर शव को ठिकाने लगाने के लिए पड़ोसी की छत पर छिपा दिया। उनका उद्देश्य पुलिस को गुमराह करना और हत्या के सबूत मिटाना था, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों ने पूरी घटना की परतें खोल दीं।
मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने घरेलू सहायिका सुनीता देवी, उसके पति और बेटे को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में तीनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस को पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। साथ ही फोरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों की भी विस्तृत जांच की जा रही है।
पंचकूला पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, आरोपियों के कबूलनामे और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मजबूत चार्जशीट तैयार की जा रही है। जांच लगभग पूरी हो चुकी है और जल्द ही अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा। पुलिस का दावा है कि उपलब्ध साक्ष्य इतने मजबूत हैं कि अभियोजन पक्ष अदालत में आरोपियों के खिलाफ प्रभावी ढंग से मामला पेश करेगा।