Jammu Kashmir Rain: पुंछ में भूस्खलन से कई परिवार उजड़े, बारिश से अब तक 23 मौतें; राहत-बचाव अभियान जारी
Jammu Kashmir Rain: पुंछ में भूस्खलन से कई परिवार उजड़े, बारिश से अब तक 23 मौतें; राहत-बचाव अभियान जारी
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पुंछ, डोडा और राजौरी समेत कई जिलों में भूस्खलन, अचानक आई बाढ़ और चट्टानें गिरने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है। अधिकारियों के अनुसार सोमवार को बारिश से जुड़ी नई घटनाओं में एक महिला और उसके दो बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही पिछले दो दिनों में बारिश और भूस्खलन से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। कई लोग अब भी लापता हैं, जबकि राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।
सबसे अधिक तबाही पुंछ जिले की मंडी तहसील के लोरन ब्लॉक स्थित पीर पंजाल पहाड़ियों के दोमेल ढोक क्षेत्र में देखने को मिली। सोमवार को लगातार बारिश के बीच अचानक भूस्खलन हुआ, जिससे कई लोग मलबे की चपेट में आ गए। यह इलाका बेहद दूरदराज और दुर्गम होने के कारण घटना की सूचना प्रशासन तक देर शाम पहुंच सकी। सूचना मिलते ही मंडी प्रशासन, पुलिस और अन्य बचाव एजेंसियों की टीमें मौके के लिए रवाना कर दी गईं।
पुंछ के लोरन के ऊपरी क्षेत्र में हुए भूस्खलन से एक मिट्टी का मकान पूरी तरह ढह गया। इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के कई सदस्य मलबे में दब गए। मृतकों की पहचान जाहिदा बेगम (38), उनके छह वर्षीय बेटे मनन रफीक, चार वर्षीय बेटी अलीसा, देवर तनवीर अहमद भट्ट (27), ननद शमीम अख्तर (33), शबनम बानो (31) और 17 वर्षीय मोहम्मद इरफान के रूप में हुई है। सभी अरिगाम गांव, मंडी तहसील के निवासी थे। इस हादसे ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है।
डोडा जिले में भी भारी बारिश के कारण बड़ा हादसा हुआ। जम्मू-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक यात्री बस के ऊपर चट्टान गिरने से कुलवंत सिंह और मनीष कुमार की मौत हो गई, जबकि छह अन्य लोग घायल हो गए। यह दुर्घटना सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे हुई। वहीं जिले के काष्टीगढ़ क्षेत्र में शिव देवी नामक महिला की घर के पास पत्थर गिरने से जान चली गई।
राजौरी जिले में भी बारिश का कहर जारी है। सलानी क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ के दौरान बह गए विकास अहमद का शव नदी से बरामद किया गया। प्रशासन के अनुसार पुंछ जिले में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और छह लोग अभी भी लापता हैं। वहीं राजौरी में दो लोगों की जान गई है तथा जल शक्ति विभाग का एक कर्मचारी अब भी लापता बताया जा रहा है।
लगातार हो रही बारिश के कारण राहत और बचाव कार्यों में भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस, भारतीय सेना, राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), नागरिक सुरक्षा कर्मियों और स्थानीय स्वयंसेवकों की संयुक्त टीमें प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। खराब मौसम और दुर्गम रास्तों के कारण कई क्षेत्रों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए संवेदनशील इलाकों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बारिश और भूस्खलन में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के लिए छह लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। सरकारी प्रवक्ता के अनुसार इस सहायता राशि में राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) से चार लाख रुपये और मुख्यमंत्री राहत कोष से दो लाख रुपये शामिल हैं। सरकार ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।