Dr. BRC Medical Academy: पुस्तक ‘स्टेथोस्कोप – क्या यह सिक्के उछालने से अधिक सटीक है?’ का विमोचन, दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को मिले प्रमाणपत्र

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Dr. BRC Medical Academy: पुस्तक ‘स्टेथोस्कोप – क्या यह सिक्के उछालने से अधिक सटीक है?’ का विमोचन, दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को मिले प्रमाणपत्र

नई दिल्ली। चंद्रशेखर आजाद और लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती के अवसर पर डॉ. बीआरसी मेडिकल अकादमी क्लीनिक्स एंड हॉस्पिटल्स द्वारा 23 जुलाई 2026 को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुस्तक विमोचन, दीक्षांत समारोह तथा सामाजिक जागरूकता पर आधारित नाटक ‘सोशल कैंसर: चाचा की कहानी’ का मंचन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न चिकित्सा प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए।

कार्यक्रम का आयोजन सुबह 11 बजे किया गया, जिसमें चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, प्रशिक्षुओं, आमंत्रित अतिथियों और विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने भाग लिया। आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य वैकल्पिक एवं एकीकृत चिकित्सा पद्धतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और चिकित्सा शिक्षा के विभिन्न आयामों पर चर्चा करना था।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण डॉ. बिश्वरूप रॉय चौधरी द्वारा लिखित पुस्तक ‘स्टेथोस्कोप – क्या यह सिक्के उछालने से अधिक सटीक है?’ का विमोचन रहा। पुस्तक में स्टेथोस्कोप की नैदानिक उपयोगिता, उसकी सीमाओं और संवेदनशीलता से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई है। लेखक ने इसमें यह प्रश्न उठाया है कि क्या स्टेथोस्कोप की नैदानिक सटीकता 50 प्रतिशत से अधिक है, जिसकी तुलना प्रतीकात्मक रूप से सिक्का उछालने की संभावना से की गई है। यह पुस्तक CLASS (Clinical Limitation And Sensitivity of Stethoscope) ऑनलाइन पाठ्यक्रम की प्रमुख पाठ्यपुस्तक के रूप में भी प्रस्तुत की गई।

दीक्षांत समारोह के दौरान विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। इनमें CLASS (Clinical Limitation And Sensitivity of Stethoscope), CIM (Certification in Integrated Medicine), CNTP (Certified Neem Therapy Practitioners’ Course) तथा CAAR (Certification in Autism & ADHD Reversal) जैसे पाठ्यक्रम शामिल रहे। आयोजकों ने कहा कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य प्रतिभागियों को संबंधित विषयों की जानकारी और प्रशिक्षण प्रदान करना है।

इस अवसर पर आयोजित नाटक ‘सोशल कैंसर: चाचा की कहानी’ के माध्यम से सामाजिक मुद्दों और जनजागरूकता से जुड़े संदेश प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने नाटक की सराहना करते हुए इसे सामाजिक चेतना बढ़ाने वाला प्रयास बताया।

आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता और विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के महत्व पर भी चर्चा की गई। साथ ही प्रतिभागियों को उनके सफल प्रशिक्षण के लिए बधाई देते हुए भविष्य में समाज और स्वास्थ्य क्षेत्र में सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों, अतिथियों और आयोजकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा, वैकल्पिक उपचार पद्धतियों और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श भी किया गया।

नोट: इस कार्यक्रम में प्रस्तुत पुस्तक, प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों और उनसे जुड़े दावों का उल्लेख आयोजकों द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित है। इन पाठ्यक्रमों या पुस्तक में किए गए चिकित्सा संबंधी दावों की स्वतंत्र वैज्ञानिक पुष्टि इस समाचार में नहीं की गई है।

 

 

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