Delhi Rain डूब गई दिल्ली! गलियों में तैरते नजर आए बच्चे, सड़कों पर रेंगती गाड़ियां; बारिश ने खोली सरकारी तैयारियों की पोल
Delhi Rain डूब गई दिल्ली! गलियों में तैरते नजर आए बच्चे, सड़कों पर रेंगती गाड़ियां; बारिश ने खोली सरकारी तैयारियों की पोल
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। एक ओर लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली, तो दूसरी ओर जलभराव, ट्रैफिक जाम और बदहाल ड्रेनेज व्यवस्था ने राजधानी की रफ्तार थाम दी। कई इलाकों में सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं, जबकि संगम विहार की गलियों में बच्चे पानी में तैरते नजर आए। राजधानी की प्रमुख सड़कों पर वाहन घंटों तक रेंगते रहे और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
गुरुवार सुबह शुरू हुई बारिश शुक्रवार को भी लगातार जारी रही। हालात को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार को दो बार रेड अलर्ट जारी किया। राजधानी के कई हिस्सों में जलभराव के कारण यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, स्कूल-कॉलेज के छात्र और आम लोग लंबे ट्रैफिक जाम में फंसे रहे।
लगातार बारिश से तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान सामान्य से 6.7 डिग्री सेल्सियस कम होकर 27.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.3 डिग्री कम है। सफदरजंग मौसम केंद्र के अनुसार अगस्त महीने में अब तक 127 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। अगस्त में सामान्य वर्षा 233.1 मिमी मानी जाती है, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने 400.81 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।
मौसम विभाग के अनुसार राजधानी में लगातार बारिश का कारण मानसून ट्रफ की बदलती स्थिति है। यह ट्रफ कभी दिल्ली के दक्षिण तो कभी उत्तर की ओर सक्रिय हो रही है। इसके अलावा पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती सिस्टम ने भी बारिश को तेज किया है। विभाग का अनुमान है कि 9 और 10 अगस्त को दिल्ली-एनसीआर में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। शनिवार के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। अगले सप्ताह चक्रवाती सिस्टम कमजोर पड़ने के बाद बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना है, हालांकि 13 अगस्त तक हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है।
बारिश ने एक बार फिर राजधानी की अधूरी ड्रेनेज व्यवस्था की पोल खोल दी। दिल्ली हाई कोर्ट ने वर्ष 2023 में आसोला ड्रेन और उससे जुड़ी जल निकासी परियोजना को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन तीन वर्ष बाद भी काम अधूरा है। नतीजतन कुछ घंटों की बारिश में ही गांव और आसपास के इलाके जलमग्न हो गए। स्थानीय लोगों को एक बार फिर जलभराव और आवागमन की गंभीर समस्या से जूझना पड़ा। लोगों का कहना है कि हर मानसून में यही हालात बनते हैं, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल सका है। लगातार हो रही बारिश ने सरकारी दावों और तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।