Kanwar Accident: कांवड़ ला रहे 21 वर्षीय फौजी अमन सोलंकी की सड़क हादसे में मौत, आर्मी भर्ती की खुशी मातम में बदली

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Kanwar Accident: कांवड़ ला रहे 21 वर्षीय फौजी अमन सोलंकी की सड़क हादसे में मौत, आर्मी भर्ती की खुशी मातम में बदली

बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के खुर्जा क्षेत्र के सुल्तानपुर बुढ़ैना गांव के 21 वर्षीय फौजी और होनहार कबड्डी खिलाड़ी अमन सोलंकी की कांवड़ यात्रा के दौरान बिजनौर में हुए सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे में उनका साथी हिरदेश भी गंभीर रूप से घायल हो गया। अमन की मौत की खबर मिलते ही गांव में मातम पसर गया। जिस परिवार में कुछ समय पहले बेटे के आर्मी में चयन को लेकर खुशी का माहौल था, वहां अब जवान बेटे की मौत की खबर से हर आंख नम है।

अमन सोलंकी के पिता प्रेमपाल सोलंकी खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार के बड़े बेटे अमन ने खेल के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई थी। वह राष्ट्रीय स्तर के कबड्डी खिलाड़ी थे और करीब डेढ़ साल पहले वर्ष 2025 में स्पोर्ट्स कोटे के तहत भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। परिवार और गांव के लोगों के लिए अमन का आर्मी में चयन गर्व और खुशी का बड़ा अवसर था।

बताया गया कि अमन तीन दिन पहले 8 अगस्त को छुट्टी लेकर अपने घर आए थे। इसी दौरान गांव के युवाओं का एक समूह हरिद्वार से डाक कांवड़ लेने के लिए जाने की तैयारी कर रहा था। अमन भी अपने साथियों के साथ कांवड़ यात्रा में शामिल हो गए। रविवार रात गांव से करीब 35 लोग कार और बाइक से हरिद्वार के लिए रवाना हुए थे।

गांव निवासी हिरदेश के मुताबिक, सोमवार सुबह सभी लोग हरिद्वार पहुंचे और गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा शुरू की। अमन और हिरदेश एक ही बाइक पर सवार थे। दोनों गंगाजल लेकर अपने गांव की ओर लौट रहे थे। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे जब उनका काफिला बिजनौर में मोटा महादेव मंदिर के पास पहुंचा, तभी पीछे से आए एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक चला रहे अमन का सिर आगे चल रहे ट्रक से जा टकराया, जबकि हिरदेश सड़क पर गिर गए। हादसे के बाद दोनों घायल हो गए। हिरदेश के मुताबिक, कुछ समय बाद जब उन्हें होश आया तो वह अपने गांव के साथी रवि राणा के साथ एंबुलेंस में थे। अमन के चाचा गुलाब सिंह भी उनके साथ मौजूद थे।

घायल अमन और हिरदेश को इलाज के लिए मेरठ स्थित आर्मी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद अमन को मृत घोषित कर दिया। वहीं हिरदेश का प्राथमिक उपचार किया गया और हालत में सुधार होने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। हादसे की खबर गांव पहुंचते ही परिवार और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई।

अमन के शव का पोस्टमार्टम मेरठ पुलिस की ओर से कराया गया। इसके बाद शव सेना को सौंप दिया गया। दूसरी ओर, कांवड़ यात्रा पर गए गांव के अन्य लोग भी घटना के बाद अपने घरों के लिए रवाना हो गए। अमन की मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।

अमन केवल सेना में भर्ती जवान ही नहीं थे, बल्कि कबड्डी के क्षेत्र में भी उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। प्रो कबड्डी खिलाड़ी अभिषेक ठाकुर के अनुसार, अमन एक बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी थे और उन्होंने प्रदेश तथा राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर सफलता हासिल की थी।

वर्ष 2024 में नेशनल लीग में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए अमन ने जूनियर वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। उनके खेल प्रदर्शन के आधार पर ही आगे उनका चयन सेना की टीम के लिए हुआ और वर्ष 2025 में उन्हें स्पोर्ट्स कोटे के माध्यम से आर्मी में भर्ती किया गया।

अमन का सेना में चयन परिवार के लिए बेहद गर्व का क्षण था। पिता प्रेमपाल सोलंकी को अपने बेटे से काफी उम्मीदें थीं। परिवार को विश्वास था कि अमन खेल और सेना दोनों क्षेत्रों में आगे बढ़कर गांव और परिवार का नाम रोशन करेंगे। लेकिन कांवड़ यात्रा के दौरान हुए हादसे ने परिवार के इन सपनों को अचानक तोड़ दिया।

अमन ने पिछले वर्ष दिसंबर में आयोजित यूपी कबड्डी लीग में भी हिस्सा लिया था। वह यमुना योद्धा टीम की ओर से खेले थे। खेल के मैदान पर अपनी प्रतिभा दिखाने वाले अमन ने कम उम्र में ही राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई थी और सेना में भर्ती होने के बाद उनके करियर को लेकर भी साथी खिलाड़ियों और ग्रामीणों को काफी उम्मीदें थीं।

गांव में अमन की मौत के बाद शोक का माहौल है। परिवार के लोग इस सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं। ग्रामीणों के लिए भी यह घटना बेहद दुखद है, क्योंकि एक होनहार खिलाड़ी और युवा सैनिक की जिंदगी अचानक सड़क हादसे में खत्म हो गई। अमन के परिवार के लिए बेटे की आर्मी भर्ती की खुशी अभी पूरी तरह थमी भी नहीं थी कि उनकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को गहरे दुख में डाल दिया।

 

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