Womens Reservation Bill Fails: महिला आरक्षण विधेयक अटका, पीएम मोदी आज रात 8:30 बजे देश को करेंगे संबोधित

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Womens Reservation Bill Fails: महिला आरक्षण विधेयक अटका, पीएम मोदी आज रात 8:30 बजे देश को करेंगे संबोधित

महिला आरक्षण विधेयक पारित न हो पाने के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे। यह संबोधन ऐसे समय पर हो रहा है जब संसद में विपक्षी दलों के विरोध के चलते केंद्र सरकार का अहम बिल पास नहीं हो सका, जिसे महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा था।

सरकार द्वारा पेश किया गया संविधान (131वां संशोधन) विधेयक शुक्रवार को पारित नहीं हो पाया, जिससे केंद्र सरकार को बड़ा झटका लगा है। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य 2029 तक लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करना था। इसके साथ ही लोकसभा की कुल सीटों को बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव भी इसमें शामिल था, ताकि बढ़ती आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके।

संसद में इस बिल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। विपक्षी दलों ने विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए विधेयक का विरोध किया, जिसके कारण इसे पारित नहीं कराया जा सका। वहीं, सरकार का कहना है कि यह बिल महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल थी और इसे रोकना महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ कदम है।

कैबिनेट बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला और कहा कि महिला आरक्षण बिल का समर्थन न करके विपक्ष ने महिलाओं के प्रति अपनी नकारात्मक सोच को उजागर किया है। उन्होंने इस रुख को गंभीर गलती बताते हुए चेतावनी दी कि आने वाले समय में विपक्ष को इसकी राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी। प्रधानमंत्री ने यह भी जोर देकर कहा कि यह संदेश देश के हर गांव तक पहुंचाया जाना चाहिए कि कौन महिलाओ के अधिकारों के साथ खड़ा है और कौन इसके खिलाफ।

पीएम मोदी का आज रात का संबोधन इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में बेहद अहम माना जा रहा है। हालांकि अभी तक उनके भाषण के विषय को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि वह महिला आरक्षण विधेयक और उससे जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रख सकते हैं।

सत्ता पक्ष ने साफ किया है कि महिलाओं को समान अधिकार और प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए उसके प्रयास जारी रहेंगे और भविष्य में भी इस तरह के विधेयकों को लाने से पीछे नहीं हटेगा। वहीं विपक्ष का कहना है कि वह महिलाओं के हितों के खिलाफ नहीं है, बल्कि विधेयक में कुछ प्रावधानों को लेकर उसकी आपत्ति थी।

अब सभी की नजरें प्रधानमंत्री के आज रात होने वाले संबोधन पर टिकी हैं, जिसमें वह देश को इस पूरे मुद्दे पर सरकार का पक्ष और आगे की रणनीति बता सकते हैं।

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