CBSE Controversy: चेयरमैन और सचिव का तबादला, OSM सिस्टम की जांच के लिए कमेटी गठित
CBSE Controversy: चेयरमैन और सचिव का तबादला, OSM सिस्टम की जांच के लिए कमेटी गठित
देश की सबसे बड़ी स्कूली परीक्षा संस्था CBSE को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। बोर्ड की कार्यप्रणाली, आंतरिक व्यवस्था और हाल में सामने आए ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद के बीच सरकार ने सीबीएसई के चेयरमैन और सचिव का तबादला कर दिया है। साथ ही OSM सिस्टम और मूल्यांकन प्रक्रिया की जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन भी किया गया है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला पिछले कई हफ्तों से चल रही जांच और लगातार मिल रही शिकायतों के बाद लिया गया है। हाल के दिनों में सीबीएसई की परीक्षा प्रबंधन प्रणाली, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और रिजल्ट से जुड़े तकनीकी मुद्दों को लेकर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच भारी नाराजगी देखने को मिली थी।
बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी NEET पेपर लीक विवाद और सीबीएसई OSM मामले पर नजर बनाए हुए थे। सूत्रों के अनुसार, उच्च स्तर पर समीक्षा के बाद दोनों वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला किया गया। हालांकि सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन इसे जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
सीबीएसई हाल ही में उस समय विवादों में आ गया था जब कक्षा 10वीं और 12वीं के परिणाम घोषित होने के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं को देखने में दिक्कतों की शिकायत की। कई छात्रों का आरोप था कि उन्हें धुंधली आंसर शीट दिखाई गईं, कुछ उत्तर पुस्तिकाओं के हिस्से गायब थे और ऑनलाइन पोर्टल ठीक तरह से काम नहीं कर रहा था।
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब ऑन स्क्रीन मार्किंग यानी OSM सिस्टम पर सवाल उठने लगे। छात्रों और अभिभावकों ने पूछा कि उत्तर पुस्तिकाओं की ऑनलाइन जांच के लिए जिस निजी कंपनी को जिम्मेदारी दी गई, उसका चयन किस प्रक्रिया के तहत किया गया। इसके अलावा छात्रों के डेटा और अंकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं सामने आईं।
कई छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि पुनर्मूल्यांकन और उत्तर पुस्तिका दोबारा जांचने की प्रक्रिया में अत्यधिक देरी हो रही है। इससे छात्रों के कॉलेज एडमिशन और भविष्य की योजनाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई गई। सोशल मीडिया पर भी सीबीएसई की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे थे।
सरकार द्वारा गठित नई जांच कमेटी अब OSM प्लेटफॉर्म, मूल्यांकन प्रक्रिया, तकनीकी खामियों और डेटा सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा करेगी। सूत्रों के अनुसार, कमेटी यह भी जांच करेगी कि परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया में किन स्तरों पर सुधार की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी समस्याएं दोबारा सामने न आएं।
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल तकनीकी गड़बड़ियों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की सबसे बड़ी परीक्षा संस्था की विश्वसनीयता से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में सरकार का यह कदम छात्रों और अभिभावकों का भरोसा दोबारा कायम करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
फिलहाल छात्र और अभिभावक जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में सीबीएसई की परीक्षा और मूल्यांकन प्रणाली में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।