Kanpur YouTuber Death Case: मानसी की मौत पर उबाल, ‘योगी जी न्याय दो’ के पोस्टरों के साथ सड़कों पर उतरे हजारों लोग
Kanpur YouTuber Death Case: मानसी की मौत पर उबाल, ‘योगी जी न्याय दो’ के पोस्टरों के साथ सड़कों पर उतरे हजारों लोग
कानपुर की रहने वाली मशहूर यूट्यूबर मानसी की संदिग्ध मौत के बाद पूरे शहर में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लखनऊ के शहादतगंज स्थित ससुराल में हुई इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। गुस्साए लोगों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया और अंतिम यात्रा के दौरान ‘योगी जी न्याय दो’ तथा ‘हत्यारों को फांसी दो’ जैसे पोस्टर-बैनर लेकर मार्च निकाला।
जानकारी के अनुसार, बाबूपुरवा निवासी मानसी की शादी करीब दो साल पहले लखनऊ के यूट्यूबर सागर से हुई थी। 30 मई को परिजनों को सूचना मिली कि मानसी ने कथित तौर पर फांसी लगा ली है। परिवार का आरोप है कि जब वे कानपुर से लखनऊ पहुंचे, तब तक पुलिस शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज चुकी थी।
परिजनों का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद जब शव उन्हें सौंपा गया तो उन्होंने शरीर और पैरों पर गंभीर चोटों तथा चाकू जैसे घावों के निशान देखे। मृतका के चाचा अमन राजपूत समेत परिवार के अन्य लोगों ने दावा किया कि शव जिस स्थिति में मिला, वह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या की ओर इशारा करता है। उनका कहना है कि फंदे पर लटकने के दौरान मानसी के घुटने बेड को छू रहे थे, जिससे उन्हें घटना पर संदेह हुआ।
परिवार ने ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों का दावा है कि मानसी का पति सागर किसी दूसरी लड़की के साथ संबंध में था और इसी बात को लेकर घर में अक्सर विवाद होता था। आरोप है कि विरोध करने पर मानसी को प्रताड़ित किया जाता था और आखिरकार उसकी हत्या कर दी गई।
घटना के बाद कानपुर में माहौल तनावपूर्ण हो गया। हजारों की संख्या में लोग बाबूपुरवा थाने के बाहर जमा हो गए और शव रखकर प्रदर्शन किया। बाद में अंतिम शव यात्रा के दौरान लोग हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर न्याय की मांग करते हुए श्मशान घाट तक पहुंचे। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया ताकि स्थिति नियंत्रण में बनी रहे।
परिजनों ने लखनऊ पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने उनकी लिखित शिकायत पर हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं किया और मामले को दबाने की कोशिश की। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने ससुराल पक्ष से मिलीभगत कर केवल एक आरोपी को हिरासत में लिया है, जबकि बाकी लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।
इस दर्दनाक घटना में मानसी अपने पीछे छह महीने का एक मासूम बेटा छोड़ गई है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
वहीं इस पूरे मामले पर बाबूपुरवा थाना प्रभारी अरुण द्विवेदी ने कहा कि घटना लखनऊ में हुई है और वहां की पुलिस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि परिवार की ओर से आवेदन दिया गया है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस मामले ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल मचा दी है। लोग निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।