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राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने क्यों कही यह बात

राज्यसभा में बुधवार (3 जुलाई, 2024) को सभापति जगदीप धनखड़ ने विपक्ष से कहा कि मैं दुखी हूं कि संविधान का इतना मजाक और अपमान हो रहा है. यह किताब हाथ में रखने के लिए नहीं जीने के लिए है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे. उनके भाषण के…
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