Kanwar Yatra: हरिद्वार में कांवड़ लेने पहुंचे चंडीगढ़ के 4 किशोर गंगनहर में डूबे, रेस्क्यू के बाद सभी के शव बरामद
Kanwar Yatra: हरिद्वार में कांवड़ लेने पहुंचे चंडीगढ़ के 4 किशोर गंगनहर में डूबे, रेस्क्यू के बाद सभी के शव बरामद
उत्तराखंड के हरिद्वार में कांवड़ लेने पहुंचे चंडीगढ़ के चार किशोरों की गंगनहर में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। हादसा शुक्रवार, 31 जुलाई को ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र में जटवाड़ा पुल के पास हुआ। चारों किशोर एक समूह के साथ हरिद्वार गंगाजल लेने पहुंचे थे। नहर में नहाने के दौरान एक किशोर अचानक गहरे पानी में फंस गया। उसे बचाने के प्रयास में तीन अन्य साथी भी पानी में उतर गए और देखते ही देखते चारों गंगनहर में डूब गए।
बताया जा रहा है कि गंगनहर में सिल्ट जमा होने के कारण पानी का स्तर कम किया गया है। इसके चलते कई कांवड़िए जटवाड़ा पुल के आसपास नहर के बीच तक जाकर स्नान कर रहे थे। इसी दौरान पानी के अंदर बने गहरे गड्ढे का अंदाजा किशोरों को नहीं हो पाया और हादसा हो गया।
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, सबसे पहले एक किशोर नहर के गहरे हिस्से में जाकर डूबने लगा। उसे बचाने के लिए उसके तीन साथी भी पानी में उतर गए। लेकिन गहराई अधिक होने के कारण वे भी नियंत्रण खो बैठे और एक के बाद एक चारों पानी में लापता हो गए। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही जल पुलिस और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। इसके बाद गंगनहर में तलाशी और बचाव अभियान शुरू किया गया। काफी देर तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद चारों किशोरों के शव गंगनहर से बरामद कर लिए गए।
एसपी सिटी अभय सिंह ने बताया कि चारों शवों को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। हादसे की जानकारी मृतकों के परिजनों को दे दी गई है। पुलिस की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
मृतकों की उम्र करीब 16 से 18 वर्ष के बीच बताई जा रही है। मृतकों की पहचान शिवांशु पुत्र पवन सिंह, उम्र 16 वर्ष, नीतेश पुत्र राजेश, भरत पुत्र हरीश और रोहित पुत्र भवानी के रूप में बताई गई है। इनमें तीन किशोर चंडीगढ़ के सेक्टर-30 और एक सेक्टर-26 का रहने वाला बताया गया है।
जानकारी के मुताबिक, चंडीगढ़ से करीब 17 कांवड़ यात्रियों का एक दल गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंचा था। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिवार हरिद्वार के लिए रवाना हो गए। स्थानीय लोगों के मुताबिक, मृतकों में शामिल तीन किशोरों के परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं, जिससे हादसे के बाद परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस की ओर से नहर के गहरे हिस्सों में सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं और गंगनहर में स्नान करते हैं। ऐसे में पानी की गहराई और बहाव का अनुमान लगाए बिना नहर के अंदर जाने से गंभीर हादसे का खतरा बना रहता है।
इस दर्दनाक हादसे ने कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक किशोर को बचाने की कोशिश में तीन अन्य किशोरों का भी डूब जाना परिवारों के लिए बेहद पीड़ादायक घटना बन गई। पुलिस और प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे नहर में स्नान करते समय विशेष सावधानी बरतें और गहरे पानी में जाने से बचें।