NEET Paper Leak: CBI का बड़ा एक्शन, राऊज एवेन्यू कोर्ट में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
NEET Paper Leak: CBI का बड़ा एक्शन, राऊज एवेन्यू कोर्ट में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
नई दिल्ली। बहुचर्चित NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राऊज एवेन्यू कोर्ट में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। CBI की आर्थिक अपराध शाखा ने जांच पूरी करने के बाद आरोप पत्र तैयार किया है, जिसमें मामले से जुड़े आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई का उल्लेख किया गया है।
CBI द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट को पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट के समक्ष बुधवार को पेश किया जाएगा। जांच एजेंसी की कार्रवाई को NEET-UG पेपर लीक मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
CBI ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम के तहत धाराएं लगाई हैं। मामले में BNS 2023 की धारा 315(5), 318(4), 61(2), 238 और 303(2) के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(2), पठित धारा 13(1)(ए) तथा सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 की धारा 10 के साथ पठित धारा 3, 4, 5 और 11 के तहत आरोप दर्ज किए गए हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार, चार्जशीट में शामिल सभी 13 आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और जेल में बंद हैं। CBI ने जांच के दौरान मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं और कथित पेपर लीक नेटवर्क की भूमिका की पड़ताल की है।
चार्जशीट में शामिल आरोपियों के नाम यश यादव, मांगीलाल बीवाल, दिनेश बीवाल, विकास बीवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रह्लाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवलदार हैं।
NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर देशभर में लंबे समय से विवाद और विरोध प्रदर्शन होते रहे हैं। छात्रों और अभिभावकों की ओर से परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की जाती रही है।
अब CBI की ओर से 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद मामले की सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट में चार्जशीट पेश होने के बाद आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की न्यायिक कार्रवाई होगी।