Wayanad Landslide: वायनाड में भीषण भूस्खलन, 3 लोगों की मौत, 7 लापता; राहत और बचाव अभियान तेज

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Wayanad Landslide: वायनाड में भीषण भूस्खलन, 3 लोगों की मौत, 7 लापता; राहत और बचाव अभियान तेज

वायनाड। केरल के वायनाड जिले में भारी बारिश के बीच हुए भीषण भूस्खलन ने एक बार फिर तबाही मचा दी है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के संसदीय क्षेत्र वायनाड के मेप्पाडी के पास कल्लाडी इलाके में हुए इस हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि सात लोगों के लापता होने की खबर है। कई अन्य लोग घायल हुए हैं और राहत एवं बचाव दल लगातार मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखते ही देखते भारी मात्रा में मलबा नीचे आता दिखाई दे रहा है।

जानकारी के अनुसार, हादसा वायनाड टनल प्रोजेक्ट के निर्माण क्षेत्र में हुआ। बताया जा रहा है कि कल्लाडी टनल निर्माण स्थल पर खुदाई के दौरान जमा हुआ भारी मलबा अचानक खिसक गया और देखते ही देखते पूरा इलाका मलबे की चपेट में आ गया। भूस्खलन के कारण सड़कें बंद हो गईं और आसपास मौजूद कई लोग इसकी चपेट में आ गए। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक दो लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि पांच घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में वायनाड क्षेत्र में लगभग 265 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसके चलते पहाड़ी इलाकों की मिट्टी कमजोर हो गई थी। बताया जा रहा है कि लगातार बारिश के कारण टनल निर्माण स्थल पर काम पहले ही रोक दिया गया था, लेकिन कुछ लोग साइट के आसपास मौजूद थे, जो अचानक हुए भूस्खलन की चपेट में आ गए।

केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) ने आशंका जताई है कि मलबे के नीचे अभी भी कई लोग फंसे हो सकते हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक चर्च, एक चाय की दुकान और एक बस स्टॉप भी भारी मलबे के नीचे दब गए हैं। हादसा मीनाक्षी ब्रिज के पास उस स्थान पर हुआ, जहां प्रस्तावित वायनाड-मलप्पुरम टनल रोड परियोजना का निर्माण कार्य चल रहा था।

घटना की सूचना मिलते ही फायर एंड रेस्क्यू सर्विस, स्थानीय पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और अन्य राहत एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंच गईं। राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। मलबा हटाने के लिए भारी मशीनों की भी मदद ली जा रही है, जबकि लगातार बारिश के कारण राहत कार्यों में चुनौतियां बनी हुई हैं।

केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि फिलहाल स्थिति राज्य सरकार के नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार को अतिरिक्त बल, विशेषज्ञों या किसी अन्य सहायता की आवश्यकता होगी, तो केंद्र सरकार हर संभव सहयोग उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि यह केवल सहायता का विषय नहीं, बल्कि सरकार की जिम्मेदारी है कि प्रभावित लोगों तक हर जरूरी मदद पहुंचाई जाए।

वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी ने भी इस प्राकृतिक आपदा पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि भूस्खलन में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राहत कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है और जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस तथा अन्य संबंधित एजेंसियां मिलकर बचाव अभियान चला रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार के मंत्री और स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाने के लिए समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में जाने से बचें तथा मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों का कहना है कि लापता लोगों की तलाश जारी है और राहत अभियान पूरा होने के बाद ही नुकसान का वास्तविक आकलन किया जा सकेगा।

 

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