Jodhpur Airport Terminal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का किया उद्घाटन, संशोधित उड़ान योजना भी लॉन्च
Jodhpur Airport Terminal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का किया उद्घाटन, संशोधित उड़ान योजना भी लॉन्च
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के जोधपुर में नवनिर्मित एयरपोर्ट टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने देश में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत बनाने के उद्देश्य से संशोधित ‘उड़ान’ (UDAN) योजना की भी शुरुआत की। इस नई योजना का उद्देश्य अगले दस वर्षों में विमानन क्षेत्र का विस्तार करना, दूरदराज के इलाकों तक हवाई सेवाएं पहुंचाना और देश में विमानन आधारित विकास को नई गति देना है।
जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए टर्मिनल भवन का निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उन्हें टर्मिनल की आधुनिक सुविधाओं और निर्माण से जुड़ी विशेषताओं की जानकारी दी। निरीक्षण के बाद प्रधानमंत्री ने औपचारिक रूप से नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया।
करीब 480 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया यह अत्याधुनिक टर्मिनल भवन 23,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है। इसकी क्षमता प्रतिवर्ष लगभग 20 लाख यात्रियों को संभालने की है। नए टर्मिनल में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक चेक-इन काउंटर, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, विशाल प्रतीक्षालय, उन्नत बैगेज हैंडलिंग सिस्टम और अन्य अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और आरामदायक यात्रा अनुभव मिलेगा।
नए टर्मिनल भवन की वास्तुकला में राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई देती है। भवन के डिजाइन में पारंपरिक मेहराब, झरोखे और राजस्थानी स्थापत्य शैली को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ा गया है। इसके अलावा ऊर्जा दक्ष प्रणालियां, जल संरक्षण व्यवस्था और पर्यावरण अनुकूल निर्माण तकनीकों का भी उपयोग किया गया है। इस टर्मिनल को 5-स्टार जीआरआईएचए (GRIHA) रेटिंग के अनुरूप विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे यह एक पर्यावरण अनुकूल हवाई अड्डा बन सके।
सरकार का मानना है कि नए टर्मिनल के शुरू होने से जोधपुर और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। बेहतर हवाई संपर्क से घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने की भी उम्मीद है, जिससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संशोधित ‘उड़ान’ योजना का भी शुभारंभ किया। इस योजना के लिए 28,840 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य अगले दस वर्षों में देश के विमानन नेटवर्क को व्यापक और टिकाऊ बनाना है, ताकि छोटे शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों को भी हवाई सेवाओं से जोड़ा जा सके।
संशोधित योजना के तहत देशभर में 100 नए हवाई अड्डों के विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके लिए 12,000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट निर्धारित किया गया है। सरकार मौजूदा अप्रयुक्त हवाई पट्टियों का उपयोग कर उन्हें आधुनिक हवाई अड्डों के रूप में विकसित करेगी, जिससे क्षेत्रीय हवाई सेवाओं का विस्तार तेजी से हो सके।
योजना में नए क्षेत्रीय हवाई अड्डों के शुरुआती वर्षों के संचालन और रखरखाव (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) के लिए 2,500 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता का भी प्रावधान किया गया है। इसके अलावा देश के दूरस्थ, सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों तक तेज और सुरक्षित हवाई पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित किए जाएंगे।
सरकार का मानना है कि संशोधित उड़ान योजना और नए हवाई अड्डों के विकास से भारत का विमानन क्षेत्र नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। इससे न केवल हवाई यात्रा अधिक सुलभ होगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास, पर्यटन, निवेश और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।