UP Election Transparency: मतदान के दिन उम्मीदवारों को मिले बूथों के CCTV कैमरों का लाइव लिंक, अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से की मांग
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आगामी विधानसभा चुनावों में मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए नई मांग उठाई है। उन्होंने कहा है कि मतदान के दिन सभी उम्मीदवारों को उनके निर्वाचन क्षेत्र के मतदान केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की लाइव फुटेज देखने के लिए लिंक उपलब्ध कराया जाना चाहिए। अखिलेश यादव का कहना है कि इससे उम्मीदवार अपने बूथों पर मतदान की गतिविधियों पर नजर रख सकेंगे और किसी भी तरह की गड़बड़ी की स्थिति में समय रहते शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
अखिलेश यादव ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि केवल मतदान केंद्रों पर कैमरे लगा देना पर्याप्त नहीं है। उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों को भी निगरानी व्यवस्था तक उचित पहुंच मिलनी चाहिए। उनके मुताबिक, यदि मतदान के दौरान किसी बूथ पर कोई संदिग्ध गतिविधि होती है तो सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से उसकी जांच की जा सकती है। इससे चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठने वाले सवालों और शिकायतों का तथ्यात्मक तरीके से समाधान करने में मदद मिल सकती है।
सपा प्रमुख ने उत्तर प्रदेश में पहले हुए चुनावों और हालिया मतदान के दौरान सामने आई कथित अनियमितताओं का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर विपक्षी मतदाताओं को मतदान करने से रोकने, बूथों पर दबाव बनाने और मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने की शिकायतें मिली हैं। अखिलेश यादव का कहना है कि चुनाव आयोग को ऐसी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पारदर्शी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। हालांकि, मतदान में गड़बड़ी और बूथों पर अनियमितताओं से जुड़े उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना आवश्यक है।
अखिलेश यादव इससे पहले भी उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने मतदाता सूची को आधार से जोड़ने और मतदान केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था लागू करने की मांग की थी। उनका तर्क है कि इससे एक ही व्यक्ति के नाम पर कई जगह दर्ज मतदाताओं की पहचान करने और फर्जी मतदान की आशंका कम करने में मदद मिल सकती है। सपा प्रमुख ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया पर भी निगरानी बढ़ाने की जरूरत बताई है।
समाजवादी पार्टी की ओर से हाल के दिनों में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और एमएलसी चुनाव के दौरान बूथ कैप्चरिंग के आरोप भी लगाए गए हैं। पार्टी ने कुछ जिलों में मतदान प्रक्रिया को प्रभावित किए जाने की शिकायत करते हुए चुनाव आयोग से दोबारा मतदान कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। सपा का आरोप है कि चुनाव के दौरान कुछ स्थानों पर विपक्षी समर्थकों को मतदान से रोकने की कोशिश की गई। पार्टी ने इन घटनाओं से संबंधित वीडियो और अन्य साक्ष्य चुनाव अधिकारियों के सामने रखने की बात भी कही है।
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में चुनावी पारदर्शिता, मतदाता सूची की शुद्धता और मतदान केंद्रों की निगरानी को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बहस तेज हो गई है। चुनाव आयोग की ओर से भी आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के तहत सभी मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की दिशा में काम किए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रदेश में करीब 1.77 लाख मतदान केंद्रों पर कैमरों की व्यवस्था करने की योजना बताई गई है।
अखिलेश यादव की मांग के बाद अब यह सवाल भी चर्चा में है कि क्या चुनाव आयोग उम्मीदवारों को मतदान के दिन बूथों की लाइव सीसीटीवी फुटेज देखने की सुविधा देगा। फिलहाल इस मांग पर आयोग की ओर से किसी नए निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है। यदि ऐसी व्यवस्था लागू होती है तो इसके लिए सुरक्षा, गोपनीयता और मतदान की निष्पक्षता से जुड़े नियमों को भी ध्यान में रखना होगा। आने वाले समय में चुनाव आयोग इस तरह की मांगों पर क्या रुख अपनाता है, इस पर राजनीतिक दलों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े लोगों की नजर रहेगी।





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