Delhi Crime: घरेलू विवाद में पिता बना हैवान, दो साल के मासूम की पीट-पीटकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार
Delhi Crime: घरेलू विवाद में पिता बना हैवान, दो साल के मासूम की पीट-पीटकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार
राजधानी दिल्ली के दक्षिण-पूर्वी जिले के जैतपुर इलाके से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पिता ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और बच्चों के साथ बेरहमी से मारपीट की। इस हिंसक हमले में गंभीर रूप से घायल हुए दो वर्षीय मासूम की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने आरोपी पिता चंदन शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार, 19 जून 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे जैतपुर थाना पुलिस को लाखपत कॉलोनी पार्ट-2, मीठापुर इलाके में घरेलू हिंसा की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पता चला कि 34 वर्षीय चंदन शर्मा ने घरेलू विवाद के बाद अपने परिवार पर हमला किया था।
बताया गया है कि आरोपी पेशे से बढ़ई है और उसे शराब तथा नशे की लत है। घरेलू विवाद के दौरान उसने अपनी पत्नी आरती और दोनों नाबालिग बच्चों के साथ मारपीट की। इस दौरान दो वर्षीय बेटे को गंभीर चोटें आईं, जिससे उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई।
घटना के बाद घायल बच्चे को तत्काल उपचार के लिए सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन गंभीर चोटों के कारण 20 जून की सुबह उसकी मौत हो गई। मासूम की मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, वहीं स्थानीय लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं।
हमले में आरोपी की पत्नी आरती और दूसरा बच्चा भी घायल हुए हैं। पुलिस ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर 19 जून को ही भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया था। अब बच्चे की मौत के बाद केस में हत्या से जुड़ी गंभीर धाराएं भी जोड़ी जा रही हैं।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी चंदन शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को अदालत में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना घरेलू हिंसा के भयावह रूप को उजागर करती है, जहां पारिवारिक विवाद का सबसे बड़ा शिकार एक मासूम बच्चा बन गया। समाज में ऐसी घटनाएं न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती हैं, बल्कि परिवार और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती हैं।