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Amaravati Capital Bill: अमरावती बनी आंध्र प्रदेश की राजधानी, लोकसभा से सर्वसम्मति से बिल पास

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Amaravati Capital Bill: अमरावती बनी आंध्र प्रदेश की राजधानी, लोकसभा से सर्वसम्मति से बिल पास

करीब 12 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार आंध्र प्रदेश को उसकी स्थायी राजधानी मिल गई है। अमरावती को राज्य की राजधानी के रूप में कानूनी दर्जा देने वाला आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) बिल, 2026 लोकसभा में सर्वसम्मति से पारित हो गया। इस ऐतिहासिक फैसले के साथ ही राज्य में राजधानी को लेकर चल रही अनिश्चितता खत्म हो गई है और विकास की नई दिशा तय हो गई है।

यह महत्वपूर्ण बिल केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय द्वारा लोकसभा में पेश किया गया था। खास बात यह रही कि सत्तापक्ष के साथ-साथ विपक्षी दलों ने भी इस बिल का पूरा समर्थन किया, जिससे यह सर्वसम्मति से पारित हो सका। संसद में इस मुद्दे पर करीब दो घंटे तक विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें विभिन्न दलों के 13 सदस्यों ने हिस्सा लिया।

कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने बिल का समर्थन करते हुए कहा कि अमरावती केवल एक राजधानी नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आकांक्षाओं का प्रतीक है। उन्होंने यह भी मांग उठाई कि अमरावती के विकास के लिए केवल ऋण नहीं बल्कि विशेष आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए, ताकि इसे विश्वस्तरीय राजधानी के रूप में विकसित किया जा सके।

वहीं समाजवादी पार्टी समेत अन्य विपक्षी दलों ने भी इस बिल का समर्थन करते हुए किसानों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मांग की कि जिन किसानों ने अपनी जमीन दी है, उन्हें उचित और पर्याप्त मुआवजा मिलना चाहिए, ताकि विकास के साथ न्याय भी सुनिश्चित हो सके।

गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने चर्चा का जवाब देते हुए सदन को जानकारी दी कि आंध्र प्रदेश विधानसभा पहले ही 28 मार्च को प्रस्ताव पारित कर अमरावती को राजधानी बनाने की सिफारिश कर चुकी है। उसी के आधार पर इस संशोधन बिल में बदलाव कर अमरावती को आधिकारिक राजधानी घोषित करने का प्रावधान जोड़ा गया।

लोकसभा में ध्वनिमत से हुए मतदान के दौरान किसी भी सदस्य ने इस बिल का विरोध नहीं किया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच व्यापक सहमति है। बिल के पारित होने के साथ ही अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी के रूप में मान्यता देने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

दिलचस्प बात यह रही कि जब यह बिल पारित हुआ, उस समय सदन की अध्यक्षता आंध्र प्रदेश के ही सांसद कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी कर रहे थे, जो डिप्टी स्पीकर पैनल का हिस्सा हैं और बापटला लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के सांसद हैं।

इस फैसले के बाद अब अमरावती के विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है, जिससे राज्य में निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह निर्णय आंध्र प्रदेश के भविष्य के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है।

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