आपकी आवाज़, आपकी खबर|
BREAKING NEWS
Delhi North Block Fire: नॉर्थ ब्लॉक की छत से उठा घना धुआं, 6 दमकल गाड़ियां पहुंचीं, आग पर पाया गया काबूRahul Gandhi Convoy Accident: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर काफिले के पीछे चल रही गाड़ियां टकराईं, राहुल गांधी सुरक्षित; जांच के लिए SIT गठितDelhi Yamuna Safari: दिल्ली में यमुना पर चलेगा क्रूज, ₹500 में मिलेगी रिवर सफारी की सैर, जानें रूट और टाइमिंगDelhi Building Collapse: हर्ष विहार में निर्माणाधीन इमारत ढही, पिता-पुत्र की मौत, मलबे में फंसे एक अन्य व्यक्ति की तलाश जारीDelhi Ramlila Gate Accident: दिल्ली में रामलीला के गेट से टकराकर दूसरा व्यक्ति घायल, हनुमंत रामलीला के गेटों की सुरक्षा पर सवालDelhi Bank Loan Fraud: दिल्ली में 26 लाख का बैंक लोन दिलाने के नाम पर महिला से 29,500 रुपये की ठगी, आरोपी गिरफ्तारDelhi Saudi Riyal Fraud: दिल्ली में सऊदी रियाल बदलने के नाम पर 2 लाख की ठगी, 500 CCTV कैमरों की जांच के बाद आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली NCR

Delhi Ramlila Gate Accident: दिल्ली में रामलीला के गेट से टकराकर दूसरा व्यक्ति घायल, हनुमंत रामलीला के गेटों की सुरक्षा पर सवाल

पढ़ने के विकल्प

Delhi Ramlila Gate Accident: दिल्ली में रामलीला के गेट से टकराकर दूसरा व्यक्ति घायल, हनुमंत रामलीला के गेटों की सुरक्षा पर सवाल

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में त्योहारी सीजन के दौरान रामलीला के प्रचार-प्रसार के लिए मुख्य सड़कों पर लगाए गए विशालकाय स्वागत द्वार और गेट अब आम नागरिकों और वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनते दिखाई दे रहे हैं। ताजा मामले में हनुमंत रामलीला के प्रचार के लिए लगाए गए एक गेट से टकराकर करीब 30 वर्षीय एक और व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की घटना सामने आई है। गनीमत यह रही कि इस हादसे में युवक की जान बाल-बाल बच गई, लेकिन इससे पहले भी इसी सड़क पर लगे एक अन्य गेट से टकराकर एक व्यक्ति के चोटिल होने की घटना सामने आ चुकी है। एक के बाद एक हुए दो हादसों ने इन अस्थायी गेटों की संरचना और सुरक्षा मानकों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों के मुताबिक, संबंधित सड़क मार्ग पर प्रचार के उद्देश्य से करीब 10 बड़े गेट लगाए गए हैं, जिनमें से अधिकांश गेट हनुमंत रामलीला समिति द्वारा लगवाए गए बताए जा रहे हैं। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि इनमें से कुछ गेटों के खंभे और ढांचे सड़क के किनारे से काफी आगे बढ़कर लगभग सड़क के बीच तक लगा दिए गए हैं। इसके कारण सड़क से गुजरने वाले दुपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के लिए रास्ता संकरा हो गया है और विशेष रूप से रात या तेज रफ्तार के समय इनसे टकराने का सीधा खतरा बना रहता है। हालांकि, इन गेटों को लगाने के लिए ली गई आधिकारिक अनुमति और तय सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर संबंधित सरकारी विभागों और अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है।

इलाके के निवासियों का कहना है कि हर वर्ष विभिन्न रामलीला समितियों के बीच अपने आयोजन का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने के लिए सड़कों पर ज्यादा से ज्यादा गेट लगाने की होड़ मची रहती है। इन बड़े-बड़े गेटों के ऊपर प्रायोजकों के भारी विज्ञापन और बैनर भी लगाए जाते हैं, लेकिन प्रचार की इस प्रतिस्पर्धा में आम राहगीरों और वाहन चालकों की जान-माल की सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया जाता है। ताजा हादसे में घायल हुए 30 वर्षीय व्यक्ति के पिता ने भी सड़क के बीचों-बीच तक गेट लगाए जाने पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। उनका स्पष्ट कहना है कि यदि आयोजन समिति के लिए प्रचार हेतु गेट लगाना आवश्यक भी है, तो उन्हें मुख्य सड़क से पर्याप्त दूरी पर अंदर की तरफ लगाया जाना चाहिए, ताकि सड़क पर चलने वाले लोगों और वाहनों को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे।

एक ही मार्ग पर लगातार दो लोगों के घायल होने की घटना सामने आने के बाद अब स्थानीय स्तर पर इन सभी गेटों की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल जांच कराए जाने की मांग तेज हो गई है। नागरिक यह सवाल भी उठा रहे हैं कि क्या सड़क पर ऐसे ढांचे खड़े करने से पहले वहां रात में चमकने वाले रिफ्लेक्टर, चेतावनी संकेतक (साइनेज), बैरिकेडिंग और पर्याप्त रोशनी जैसे बुनियादी सुरक्षा इंतजाम किए गए थे या नहीं। इसके साथ ही यह स्पष्ट होना भी बेहद जरूरी माना जा रहा है कि मुख्य सड़क पर इन गेटों को लगाने की अनुमति किस नागरिक प्राधिकरण या विभाग ने दी और क्या निर्माण के समय निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था।

फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन, यातायात पुलिस, नगर निगम और संबंधित रामलीला समिति की जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन को तुरंत मौके का निरीक्षण कर सभी असुरक्षित गेटों की जांच करनी चाहिए और यदि नियमों के उल्लंघन या किसी भी स्तर पर लापरवाही की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। इसमें कोई संदेह नहीं कि रामलीला हमारे देश की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का एक अभिन्न हिस्सा है, लेकिन किसी भी धार्मिक या सामाजिक आयोजन के दौरान आम नागरिकों की सुरक्षा के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित अधिकारी इन खतरनाक गेटों की जांच कर भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं।

ये खबर शेयर करें

0 टिप्पणियाँ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *