Ahmedabad Blast: अहमदाबाद में अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका, आग लगने से 8 लोगों की मौत, कई घायल
Ahmedabad Blast: अहमदाबाद में अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका, आग लगने से 8 लोगों की मौत, कई घायल
गुजरात के अहमदाबाद में शनिवार को एक अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। रामोल-गात्राड रोड के पास नहर किनारे खुले मैदान में चल रही इस फैक्ट्री में अचानक तेज धमाका हुआ, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 8 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विस्फोट इतना जोरदार था कि उसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी। धमाके के बाद फैक्ट्री में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग भी दहशत में आ गए। आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार दूर से दिखाई दे रहा था। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी, जिसके बाद राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत दल ने मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला और घायलों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया। अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, लेकिन बचाव अभियान आगे बढ़ने के साथ मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस इकाई में विस्फोट हुआ, वह अवैध रूप से संचालित की जा रही थी। फैक्ट्री में विस्फोटक सामग्री का भंडारण और पटाखों का निर्माण सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा था। इसी वजह से हादसे की गंभीरता और बढ़ गई। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में गैर इरादतन हत्या से संबंधित धाराओं के साथ-साथ विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को मौके पर बुलाया गया है। विशेषज्ञ यह जांच कर रहे हैं कि विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ और क्या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया गया था। जांच एजेंसियां फैक्ट्री के मालिक, संचालन से जुड़े लोगों और लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही हैं।
प्रशासन का कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या अवैध गतिविधि सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि अवैध फैक्ट्री इतने लंबे समय से कैसे संचालित हो रही थी और संबंधित विभागों की ओर से निगरानी में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई।
फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और क्षेत्र को सुरक्षा के मद्देनजर घेर दिया गया है। पुलिस, दमकल विभाग और अन्य जांच एजेंसियां संयुक्त रूप से पूरे मामले की जांच कर रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की है। वहीं, हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।