Uttarakhand Rain: उत्तराखंड में बारिश का कहर, भूस्खलन से बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद, कई इलाकों का संपर्क टूटा

0
Uttarakhand Rain: उत्तराखंड में बारिश का कहर, भूस्खलन से बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद, कई इलाकों का संपर्क टूटा

उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सोमवार रातभर हुई मूसलाधार बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। सबसे अधिक असर बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पड़ा है, जहां कई स्थानों पर मलबा और चट्टानें गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और कई जिलों में एहतियाती कदम उठाए गए हैं।

भानारपानी, गुलाबकोटी और बिरही-निजमूला समेत बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के कई हिस्सों में भारी मात्रा में मलबा और पत्थर गिरने से सड़क बंद हो गई है। प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन मार्गों पर वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी है। सड़कों से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने के लिए मशीनों और राहत टीमों को लगातार लगाया गया है।

रुद्रप्रयाग जिले में लगातार बारिश के कारण अलकनंदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी के उफान पर आने से नमामी घाट पूरी तरह जलमग्न हो गया है। जिला प्रशासन के अनुसार ऊपरी हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा के चलते नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को अलकनंदा नदी का जलस्तर समुद्र तल से 622.90 मीटर दर्ज किया गया।

राज्य में खराब मौसम और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए कुमाऊं मंडल के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों के लिए अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया है।

जिला प्रशासन ने बताया कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दल तैनात हैं और बंद सड़कों को जल्द से जल्द खोलने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें तथा नदियों, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास जाने से परहेज करें। मौसम सामान्य होने तक प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी सलाह दी गई है।

लगातार खराब मौसम को देखते हुए पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अगले आदेश तक इनर लाइन परमिट जारी करने की प्रक्रिया भी रोक दी गई है। प्रशासन का कहना है कि मौसम में सुधार होने और मार्ग सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा।

राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। आपदा प्रबंधन, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके और लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

Leave A Reply

Your email address will not be published.