Rahul Gandhi Diwali Milan: राहुल गांधी के आवास पर जुटे कांग्रेस के दिग्गज, दिवाली मिलन में ‘वोट चोरी’ और SIR के मुद्दे पर सरकार को घेरा
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास पर शुक्रवार, 6 नवंबर को आयोजित दिवाली मंगल मिलन समारोह में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और सांसदों ने हिस्सा लिया। नेताओं ने एक-दूसरे को दिवाली की शुभकामनाएं दीं और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर बातचीत की। त्योहार के अवसर पर हुए इस आयोजन में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और कथित वोट चोरी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। कार्यक्रम में पहुंचे कांग्रेस नेताओं ने इन विषयों पर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए अपनी चिंताएं व्यक्त कीं।
समारोह में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश, सचिन पायलट, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत कई प्रमुख नेता पहुंचे। विभिन्न राज्यों से आए नेताओं की मौजूदगी के कारण यह आयोजन पार्टी के राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व के बीच मुलाकात का अवसर भी बना। नेताओं ने त्योहार की खुशियां साझा करने के साथ पार्टी से जुड़े विषयों पर भी बातचीत की।
राहुल गांधी के आवास पर यह जुटान ऐसे समय हुआ है, जब कांग्रेस मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों और नाम हटाए जाने के आरोपों को लेकर लगातार अभियान चला रही है। एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई रैली के बाद पार्टी इन मुद्दों को अलग-अलग मंचों पर उठा रही है। इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में दिवाली मिलन समारोह में पहुंचे नेताओं के बयानों में भी एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवाल दिखाई दिए।
कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने राहुल गांधी की ओर से दिए गए निमंत्रण पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दिवाली सभी के साथ खुशियां साझा करने का त्योहार है और पार्टी के सदस्यों का एक स्थान पर इकट्ठा होना सुखद अवसर है। शैलजा ने आने वाले समय में सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं के मिलकर मेहनत करने की बात कही। उनके बयान में त्योहार के उत्साह के साथ सामूहिक प्रयास और आपसी सहयोग पर जोर रहा।
छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कार्यक्रम को पार्टी नेताओं और सहयोगियों से मिलने-जुलने का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि सभी ने एक-दूसरे को दिवाली की शुभकामनाएं दीं और इस मुलाकात से साथ होने की भावना मजबूत हुई। सिंहदेव ने आयोजन के बारे में मुख्य रूप से सौहार्द, मेलजोल और एकजुटता की बात की। उन्होंने किसी औपचारिक राजनीतिक निर्णय या संगठनात्मक बदलाव की घोषणा नहीं की।
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि नेताओं के बीच बातचीत होते रहना आवश्यक है। उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व में आयोजित रैली को सफल बताया और दावा किया कि इससे पिछले चुनावों में कथित वोट चोरी को लेकर कांग्रेस की बात लोगों तक पहुंची है। हुड्डा का कहना था कि इस मुद्दे पर लोगों के बीच चर्चा बढ़ी है। हालांकि, चुनावों में वोट चोरी होने की बात कांग्रेस का आरोप है और इसे स्वतंत्र रूप से प्रमाणित निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लोकतांत्रिक व्यवस्था के सवाल पर भाजपा और केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने सत्ताधारी दल की ओर से किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों पर सवाल उठाए। गहलोत ने कहा कि केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और प्रदेश स्तर के नेताओं का इस तरह सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करना असामान्य स्थिति है। उन्होंने सरकार की राजनीतिक दिशा पर चिंता जताते हुए कहा कि देश की जनता लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सजग है।
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने मतदाता पहचान पत्र और सरकारी योजनाओं के लाभ से संबंधित एक केंद्रीय मंत्री के बयान पर सवाल उठाए। उन्होंने आशंका जताई कि यदि सरकारी योजनाओं का लाभ मतदाता सूची में नाम होने से जोड़ा जाता है, तो सूची से बाहर हुए लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। प्रतापगढ़ी ने लोगों से जागरूक रहने की अपील करते हुए आरोप लगाया कि मामला मतदान के अधिकार के साथ नागरिकों के अन्य अधिकारों से भी जुड़ सकता है। यह कांग्रेस सांसद की ओर से जताई गई आशंका है; ऐसी व्यवस्था लागू होने की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
इमरान प्रतापगढ़ी ने समारोह के उद्देश्य पर कहा कि नेता राहुल गांधी से मिलकर दिवाली की शुभकामनाएं देने और साथ बैठकर बातचीत करने आए हैं। जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा भी इस कार्यक्रम में पहुंचे। अलग-अलग राज्यों के नेताओं की उपस्थिति से पार्टी के भीतर संवाद और व्यक्तिगत मुलाकातों का अवसर मिला।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मुलाकात को सुखद और सकारात्मक बताया। उन्होंने नेताओं के बीच बातचीत और आगे की दिशा पर चर्चा होने की बात कही। वहीं, पवन खेड़ा ने भी दिवाली के मौके पर सभी के एक साथ जुटने को लेकर खुशी व्यक्त की। नेताओं के बयानों में आयोजन का सामाजिक और राजनीतिक, दोनों पक्ष सामने आया।
समारोह के दौरान राहुल गांधी की कई नेताओं से अलग-अलग बातचीत होने की भी खबर है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अनुसार, इन मुलाकातों में व्यक्तिगत विषयों के साथ संगठन और राजनीति से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि नेताओं ने एक-दूसरे को त्योहार की शुभकामनाएं दीं और आपसी बातचीत की।
राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया कि नेताओं ने चाय और जलपान के दौरान मुलाकात की और दिवाली की बधाई दी। इस आयोजन में कांग्रेस नेतृत्व को विभिन्न राज्यों के नेताओं से सीधे संवाद का अवसर मिला। हालांकि, समारोह के बाद किसी औपचारिक प्रस्ताव, नए आंदोलन की निश्चित रूपरेखा या संगठनात्मक फैसले की घोषणा सामने नहीं आई। कार्यक्रम में पहुंचे नेताओं के बयानों से इतना स्पष्ट रहा कि त्योहार की शुभकामनाओं के बीच कथित वोट चोरी, एसआईआर और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े विषय कांग्रेस की चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं।





0 टिप्पणियाँ