Noida Fraud Case: सरकारी प्रोजेक्ट का झांसा देकर कारोबारी से 43 लाख की ठगी, चार आरोपियों पर केस दर्ज

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Noida Fraud Case: सरकारी प्रोजेक्ट का झांसा देकर कारोबारी से 43 लाख की ठगी, चार आरोपियों पर केस दर्ज

नोएडा के सेक्टर-27 में एक बड़े कारोबारी के साथ 43 लाख रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें आरोपियों ने सरकारी प्रोजेक्ट का लालच देकर सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी को अंजाम दिया। इस मामले में पीड़ित कारोबारी सुबोध वालिया, जो दिल्ली के शालीमार बाग के निवासी हैं और बिजली के उपकरण जैसे केबल, वायर और लाइटिंग फिक्स्चर का कारोबार करते हैं, ने सेक्टर-20 थाने में चार लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और धमकी जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित के अनुसार, जनवरी 2022 में उनकी मुलाकात रविकांत शर्मा नामक व्यक्ति से हुई थी, जिसने खुद को बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स में ऑर्डर दिलाने वाला बताया। उसने कमीशन के आधार पर काम करने की बात कही और शुरुआती दौर में दो-तीन छोटे ऑर्डर भी दिलवाए, जिनका भुगतान समय पर कर दिया गया। इससे कारोबारी का भरोसा उस पर मजबूत हो गया। इन ऑर्डर्स के बदले में सुबोध ने रविकांत की पत्नी वंदना शर्मा के खाते में कमीशन भी ट्रांसफर किया, जिससे दोनों के बीच व्यावसायिक संबंध और मजबूत होते गए।

धीरे-धीरे इस नेटवर्क में आगरा के चैतन्य बंसल और उनकी पत्नी लक्ष्मी बंसल को भी शामिल किया गया। दोनों ने खुद को सरकारी विभागों, पीएसयू और बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स में बिजली का सामान सप्लाई करने वाला बताया और बड़े-बड़े ऑर्डर्स का दावा किया। उन्होंने लगातार सप्लाई की जरूरत बताकर कारोबारी को अपने जाल में फंसा लिया। भरोसे में आकर सुबोध ने करीब 43 लाख रुपये का बिजली का सामान उधार में दे दिया, जिसे आरोपियों द्वारा बताए गए अलग-अलग पतों पर आगरा में भेजा गया।

शुरुआत में आरोपियों ने थोड़ी-थोड़ी रकम देकर भरोसा बनाए रखा, लेकिन बाद में भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया। जब पीड़ित ने लगातार पैसे की मांग की, तो आरोपियों ने बहानेबाजी शुरू कर दी। दबाव बढ़ाने पर चैतन्य बंसल ने अपनी पत्नी की फर्म के नाम से एक चेक दिया, लेकिन बैंक में लगाने पर वह चेक बाउंस हो गया। जांच में सामने आया कि चेक पर अधिकृत हस्ताक्षर तक नहीं थे, जिससे साफ हो गया कि यह एक फर्जी दस्तावेज था।

पीड़ित का आरोप है कि चारों आरोपियों ने मिलकर पूरी योजना के तहत उसे धोखे में रखा और 43 लाख रुपये का सामान हड़प लिया। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। साथ ही इस बात की भी जांच की जा रही है कि कहीं इस गिरोह ने अन्य कारोबारियों को भी इसी तरह निशाना तो नहीं बनाया।

 

 

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