Nagpur Crime: इंस्टाग्राम दोस्ती बनी जाल, छात्रा को स्कूल से ले जाकर होटल में दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार
Nagpur Crime: इंस्टाग्राम दोस्ती बनी जाल, छात्रा को स्कूल से ले जाकर होटल में दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार
महाराष्ट्र के नागपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां सोशल मीडिया के जरिए हुई दोस्ती ने एक नाबालिग छात्रा को गंभीर अपराध का शिकार बना दिया। आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली 13 वर्षीय छात्रा को आरोपी ने अपने प्रेम जाल में फंसाकर कई बार होटल ले जाकर दुष्कर्म किया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक छात्रा की आरोपी करण केशव केसी से पहचान Instagram पर हुई थी। बातचीत के दौरान आरोपी ने धीरे-धीरे छात्रा का विश्वास जीत लिया और उसे अपने झांसे में ले लिया। आरोपी ने पहले से योजना बनाकर छात्रा को स्कूल जाने से रोककर अपने साथ घूमने के लिए राजी किया।
18 मार्च को आरोपी सुबह स्कूल के पास पहुंचा और छात्रा को दोपहिया वाहन पर बैठाकर अपने साथ ले गया। उसने पहले छात्रा को एक शौचालय में ले जाकर स्कूल यूनिफॉर्म बदलवाई और फिर उसे फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित सिल्वर सूट्स होटल में ले गया। आरोपी को पता था कि नाबालिग होने के कारण उसे कमरा मिलने में परेशानी हो सकती है, इसलिए उसने दूसरी युवती का आधार कार्ड इस्तेमाल कर होटल में कमरा लिया।
होटल में आरोपी ने छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद 27 मार्च को उसने दोबारा उसी तरीके से छात्रा को स्कूल से ले जाकर होटल में जबरन शारीरिक संबंध बनाए। आरोपी के प्रभाव में आकर छात्रा लगातार स्कूल नहीं जा रही थी, जिससे स्कूल प्रशासन को शक हुआ।
जब छात्रा कई दिनों तक स्कूल नहीं पहुंची तो स्कूल की ओर से उसकी मां को सूचना दी गई। इसके बाद मां ने बेटी को भरोसे में लेकर पूछताछ की, जिसमें पूरी घटना का खुलासा हुआ। मामला सामने आने के बाद छात्रा की मां ने सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और POCSO Act के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। सदर थाना के इंस्पेक्टर अमोल देशमुख ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की गहन जांच की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करना कितना खतरनाक हो सकता है, खासकर बच्चों के लिए। अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें जागरूक करें, ताकि ऐसे मामलों को रोका जा सके।