MLC Election Result 2026: यूपी-बिहार समेत चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों पर मतगणना, तिरहुत शिक्षक सीट पर BJP की जीत
उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक की विधान परिषद की कुल 28 सीटों के लिए मंगलवार को मतगणना की प्रक्रिया कड़ी सुरक्षा और निगरानी के बीच शुरू हुई। इन सभी सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान कराया गया था। चारों राज्यों में राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और उनके समर्थकों की नजरें मतगणना के परिणामों पर टिकी रहीं। शुरुआती नतीजों में बिहार की चर्चित तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) समर्थित उम्मीदवार डॉ. नरेंद्र प्रसाद सिंह ने 594 मतों के अंतर से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को हराकर शानदार जीत दर्ज की, जबकि अन्य सीटों पर वरीयता मतों की गिनती देर शाम तक जारी रही।
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए मतगणना राज्य के सात प्रमुख जिलों—लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली और गोरखपुर में स्थापित मतगणना केंद्रों पर कराई गई। इन 11 सीटों में पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्र (लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी) तथा छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र (लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद) शामिल हैं। उत्तर प्रदेश में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ भाजपा और प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के बीच देखा गया। मतगणना केंद्रों पर निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरों और वीडियोग्राफी के साथ त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा तैनात किया गया था।
बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों के लिए मतगणना कराई गई, जिनमें चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र (पटना, दरभंगा, तिरहुत, कोसी) और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र (पटना, दरभंगा, तिरहुत, सारण) शामिल हैं। इन आठ सीटों पर कुल 150 प्रत्याशी मैदान में थे। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के तहत भाजपा और जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने चार-चार सीटों पर चुनाव लड़ा, जबकि प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने भी सभी आठ सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। मतगणना के दौरान पटना स्थित मतगणना केंद्र के बाहर कुछ संदिग्ध फाइलों को लेकर विपक्षी समर्थकों ने हंगामा किया और कथित धांधली के आरोप लगाए, जिसे पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर नियंत्रित किया।
महाराष्ट्र में विधान परिषद की पांच सीटों पर 182 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे थे। इनमें पुणे, नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र तथा पुणे व अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल थे। यहां सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महा विकास आघाड़ी के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। राज्य में कुल 72.96 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जिसमें अमरावती शिक्षक सीट पर रिकॉर्ड 92.6 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। बागी उम्मीदवारों की मौजूदगी ने कई सीटों पर समीकरणों को बेहद दिलचस्प बना दिया।
कर्नाटक में विधान परिषद की चार सीटों (बेंगलुरु व उत्तर-पूर्व शिक्षक क्षेत्र तथा पश्चिम व दक्षिण-पूर्व स्नातक क्षेत्र) के लिए मतगणना संपन्न कराई गई। राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा-जेडीएस गठबंधन के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा का विषय बना रहा। पश्चिम स्नातक क्षेत्र में 75.6 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। चूंकि विधान परिषद चुनावों में एकल संक्रमणीय मत प्रणाली (वरीयता आधारित मतदान) अपनाई जाती है, इसलिए कोटा पूरा करने के लिए मतगणना कई चक्रों तक चली, जिसके पश्चात अंतिम परिणाम घोषित किए गए।





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