Lucknow Fire Case: लखनऊ अग्निकांड के सभी आरोपी जेल भेजे गए, चार अधिकारी निलंबित

0

Lucknow Fire Case: लखनऊ अग्निकांड के सभी आरोपी जेल भेजे गए, चार अधिकारी निलंबित

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अलीगंज पुरनिया स्थित एनिमेशन सेंटर अग्निकांड मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। हादसे के बाद गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित एसआईटी मामले की जांच कर रही है और सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगी।

अग्निकांड मामले में पुलिस ने सोमवार रात चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियों में बिल्डिंग मालिक मदेयगंज निवासी वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, अलीगंज निवासी पेट शॉप संचालक रामकृष्ण उपाध्याय, एनिमेशन सेंटर संचालक बालागंज निवासी तूशॉक कृष्णा जायसवाल और किरायेदार केशवनगर मड़ियांव निवासी सुरेश कुमार शाहू शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार एफआईआर में नामजद अन्य आरोपी धीरेंद्र शुक्ला और सुरेंद्र शुक्ला की तलाश जारी है। संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था बबलू कुमार के मुताबिक पुरनिया चौकी इंचार्ज शुभम तिवारी की तहरीर पर छह नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं और उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित एसआईटी में संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के एडीजी प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है। जांच टीम हादसे के कारणों, सुरक्षा मानकों और लापरवाही से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी।

इस मामले में प्रथम दृष्ट्या दोषी पाए गए चार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर बिजली विभाग के एक्सईएन कलेक्शन गौरव कुमार, फायर विभाग इंदिरानगर के एफएसएसओ कमलेंद्र कुमार सिंह, एलडीए के सहायक अभियंता अनिल कुमार और अवर अभियंता प्रमोद पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

अलीगंज अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। एलडीए ने अवैध रूप से बनी बिल्डिंग के खिलाफ कार्रवाई में लापरवाही बरतने के आरोप में दो इंजीनियरों को निलंबित किया है। एलडीए के सहायक अभियंता अनिल कुमार और अवर अभियंता प्रमोद कुमार पांडे के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजी गई है।

एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि दोनों अधिकारियों की तैनाती अलीगंज क्षेत्र में लंबे समय तक रही थी। शुरुआती जांच में लापरवाही सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि मामले में जो भी अन्य अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पूरे मामले की जांच के लिए एलडीए ने पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति की अध्यक्षता अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा करेंगे। समिति में मुख्य नगर नियोजन केके गौतम, मुख्य अभियंता मानवेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता विद्युत यांत्रिक मनोज सागर और अलीगंज के संपत्ति अधिकारी एवं विशेष कार्य अधिकारी रवि नंदन सिंह को सदस्य बनाया गया है।

प्रशासन का कहना है कि हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस और जांच एजेंसियां मामले में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच कर रही हैं। एसआईटी और अन्य जांच समितियों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.