आपकी आवाज़, आपकी खबर|
BREAKING NEWS
Delhi North Block Fire: नॉर्थ ब्लॉक की छत से उठा घना धुआं, 6 दमकल गाड़ियां पहुंचीं, आग पर पाया गया काबूRahul Gandhi Convoy Accident: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर काफिले के पीछे चल रही गाड़ियां टकराईं, राहुल गांधी सुरक्षित; जांच के लिए SIT गठितDelhi Yamuna Safari: दिल्ली में यमुना पर चलेगा क्रूज, ₹500 में मिलेगी रिवर सफारी की सैर, जानें रूट और टाइमिंगDelhi Building Collapse: हर्ष विहार में निर्माणाधीन इमारत ढही, पिता-पुत्र की मौत, मलबे में फंसे एक अन्य व्यक्ति की तलाश जारीDelhi Ramlila Gate Accident: दिल्ली में रामलीला के गेट से टकराकर दूसरा व्यक्ति घायल, हनुमंत रामलीला के गेटों की सुरक्षा पर सवालDelhi Bank Loan Fraud: दिल्ली में 26 लाख का बैंक लोन दिलाने के नाम पर महिला से 29,500 रुपये की ठगी, आरोपी गिरफ्तारDelhi Saudi Riyal Fraud: दिल्ली में सऊदी रियाल बदलने के नाम पर 2 लाख की ठगी, 500 CCTV कैमरों की जांच के बाद आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली NCR

Legal Conclave 2026: 6 करोड़ लंबित मामलों के समाधान के लिए मध्यस्थता और AI पर जोर

Legal conclave 2026, pending cases India, mediation law India
पढ़ने के विकल्प

Legal Conclave 2026: 6 करोड़ लंबित मामलों के समाधान के लिए मध्यस्थता और AI पर जोर

रिपोर्ट: हेमंत कुमार

नई दिल्ली में आयोजित लीगल कॉन्क्लेव एंड अवॉर्ड्स 2026 में देश के प्रमुख कानूनी विशेषज्ञों ने न्याय प्रणाली में सुधार, लंबित मामलों के निपटारे और न्याय को सुलभ व किफायती बनाने के लिए मध्यस्थता और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। “सभी के लिए सुलभ और किफायती न्याय” थीम के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में तकनीक के संतुलित उपयोग और मानव बुद्धि की अहम भूमिका को भी रेखांकित किया गया।

सोसाइटी ऑफ इंडियन लॉ फर्म्स (SILF) और सोसाइटी ऑफ लीगल प्रोफेशनल्स (SLP) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कॉन्क्लेव में मुख्य अतिथि के रूप में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनमोहन शामिल हुए। उन्होंने कहा कि न्याय प्रणाली को मजबूत करने के लिए स्वस्थ बहस और रचनात्मक आलोचना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यवस्था की कमियों की ओर ध्यान दिलाने का उद्देश्य उसकी आलोचना नहीं बल्कि सुधार करना होता है।

न्यायमूर्ति मनमोहन ने तकनीक को दोधारी तलवार बताते हुए कहा कि इसका सही उपयोग इसे वरदान बना सकता है, जबकि गलत इस्तेमाल इसे नुकसानदायक भी बना सकता है। उन्होंने मध्यस्थता प्रणाली पर भी विचार करने की जरूरत बताई और कहा कि जहां एक समय इसे समाधान माना गया था, वहीं अब इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर पुनर्विचार आवश्यक है। उन्होंने खासतौर पर वैवाहिक मामलों में मध्यस्थता की सफलता का उल्लेख करते हुए इसकी व्यापक संभावनाओं को रेखांकित किया।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा कि देश में 6 करोड़ से अधिक लंबित मामलों को देखते हुए मध्यस्थता और तकनीक न्याय व्यवस्था में बदलाव लाने की कुंजी साबित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि AI और डिजिटल तकनीकों के माध्यम से मामलों के निपटारे की प्रक्रिया को तेज किया जा सकता है, जिससे एक शांतिपूर्ण और प्रगतिशील समाज की नींव मजबूत होगी।

चेतन शर्मा ने यह भी कहा कि दस्तावेजीकरण और डेटा आधारित कार्यों में AI का उपयोग बेहद उपयोगी हो सकता है, लेकिन जहां मानवीय निर्णय की आवश्यकता हो, वहां तकनीक को सीमित रखना चाहिए। उन्होंने ‘विकसित भारत’ के विजन को साकार करने में न्यायिक सुधारों की महत्वपूर्ण भूमिका बताई।

कॉन्क्लेव में सोसाइटी ऑफ इंडियन लॉ फर्म्स के अध्यक्ष डॉ. ललित भसीन ने विधि शिक्षा में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लॉ स्कूलों को तकनीक के सही उपयोग और उसके दुरुपयोग से बचाव के लिए छात्रों को बेहतर तरीके से तैयार करना चाहिए। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि भारत में आर्बिट्रेशन प्रणाली अपेक्षित स्तर तक विकसित नहीं हो पाई है, जिसके कारण कई कॉर्पोरेट विवाद विदेशों में सुलझाए जा रहे हैं।

डॉ. भसीन ने भारत की पारंपरिक पंचायत प्रणाली का उल्लेख करते हुए सहमति आधारित न्याय व्यवस्था को मजबूत करने की बात कही। उन्होंने कानून के दायरे से आगे बढ़कर व्यापक और संतुलित न्याय की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही उन्होंने विधि क्षेत्र में महिलाओं के बढ़ते योगदान की सराहना करते हुए इसे ‘नारी शक्ति’ का सशक्त उदाहरण बताया।

यह लीगल कॉन्क्लेव न्याय प्रणाली में सुधार और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में सामने आया, जहां मध्यस्थता, तकनीक, बेहतर विधि शिक्षा और वैश्विक सहयोग के माध्यम से न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सक्षम बनाने पर व्यापक चर्चा की गई।

 

ये खबर शेयर करें

0 टिप्पणियाँ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *