DFCCIL: ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लिए स्टेकहोल्डर कॉन्फ्रेंस आयोजित, फाइनेंसिंग और निर्माण रणनीति पर मंथन

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DFCCIL: ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लिए स्टेकहोल्डर कॉन्फ्रेंस आयोजित, फाइनेंसिंग और निर्माण रणनीति पर मंथन

रिपोर्ट: हेमंत कुमार

नई दिल्ली। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) ने प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (EWDFC) के वित्तपोषण और निर्माण को लेकर इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में स्टेकहोल्डर कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। सम्मेलन में डेवलपर्स, निवेशकों, वित्तीय संस्थानों, संभावित बोलीदाताओं और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने भाग लेकर परियोजना के कार्यान्वयन और फाइनेंसिंग मॉडल पर विस्तृत चर्चा की।

कॉन्फ्रेंस का नेतृत्व डीएफसीसीआईएल के प्रबंध निदेशक प्रवीण कुमार, रेलवे बोर्ड के प्रिंसिपल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (इन्फ्रास्ट्रक्चर) श्याम सुंदर गुप्ता, डीएफसीसीआईएल के डायरेक्टर (फाइनेंस) बी. मुगुन्थन तथा रेलवे बोर्ड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (फाइनेंस/आरएम एंड पीपीपी) राहुल कपूर ने किया। कार्यक्रम में डीएफसीसीआईएल के वरिष्ठ अधिकारियों और परियोजना से जुड़े विभिन्न विशेषज्ञों ने भी हिस्सा लिया।

सम्मेलन में हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के वित्तीय ढांचे, निर्माण रणनीति, स्टेकहोल्डर भागीदारी और कार्यान्वयन रोडमैप पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इंटरैक्टिव सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने अपने सुझाव साझा किए और परियोजना से जुड़े विभिन्न तकनीकी एवं वित्तीय पहलुओं पर चर्चा की।

इस सम्मेलन में देश की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों, ईपीसी कॉन्ट्रैक्टर्स, लॉजिस्टिक्स ऑपरेटर्स, रेल टेक्नोलॉजी कंपनियों, निवेशकों, रेटिंग एजेंसियों और सलाहकार संस्थाओं ने भाग लिया। इसके अलावा जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA), वर्ल्ड बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC), पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (PFC), नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF), इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन (IFC) और अन्य राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों की सहभागिता ने इस परियोजना के प्रति निवेशकों के मजबूत विश्वास को दर्शाया।

डीएफसीसीआईएल के प्रबंध निदेशक प्रवीण कुमार ने कहा कि संस्था सहयोगात्मक भागीदारी, नवोन्मेषी वित्तपोषण और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में सभी हितधारकों के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।

प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर गुजरात के सूरत से पश्चिम बंगाल के दानकुनी तक लगभग 2,316 किलोमीटर लंबा होगा। यह कॉरिडोर छह राज्यों को जोड़ते हुए देश की माल परिवहन क्षमता को मजबूत करेगा, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा देगा और भारत के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को अधिक सक्षम एवं प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 

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