Bhopal Retired IAS Murder: भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की गला रेतकर हत्या, दो दिन पहले रखा केयरटेकर फरार
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की उनके घर में गला रेतकर हत्या कर दी गई। यह वारदात रातीबड़ थाना क्षेत्र के सूरजनगर इलाके में हुई। बुधवार सुबह घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
राकेश अग्रवाल अपनी पत्नी के साथ सूरजनगर स्थित अपने घर में रहते थे। पुलिस के मुताबिक, हत्या का संभावित समय रात करीब 2 से 3 बजे के बीच माना जा रहा है। सुबह उनकी पत्नी ने अपने कमरे का दरवाजा बाहर से बंद पाया। इसके बाद उन्होंने घर में मौजूद दूसरे केयरटेकर से संपर्क किया। कमरे का दरवाजा खुलने पर राकेश अग्रवाल मृत अवस्था में मिले।
जांच में सबसे अहम बात यह सामने आई है कि राकेश अग्रवाल के घर पर कुछ ही दिन पहले एक नया केयरटेकर रखा गया था। रिपोर्टों के मुताबिक, वरुण कुमार नाम के इस व्यक्ति को एक एजेंसी के माध्यम से करीब दो-तीन दिन पहले 24 घंटे केयरटेकर-कम-मेल नर्स के तौर पर काम पर रखा गया था। घटना के बाद से वह लापता है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
पुलिस को शक है कि वारदात के बाद संदिग्ध केयरटेकर घर से फरार हुआ। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, CCTV फुटेज में उसे घर से निकलते हुए देखा गया है और उसके कुछ सामान के भी गायब होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों का पता लगाने के लिए टीमें लगाई हैं और उसके पंजाब स्थित पते का सत्यापन भी कराया जा रहा है।
घटनास्थल से फॉरेंसिक टीम ने जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या के समय घर में कौन-कौन मौजूद था और वारदात के बाद संदिग्ध किस रास्ते से फरार हुआ। फिलहाल पुलिस ने संदिग्ध केयरटेकर की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।
मामले में हत्या की वजह भी अभी स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस लूट समेत अलग-अलग संभावित कारणों की जांच कर रही है। कुछ रिपोर्टों में घर में गैस का नोजल खुला मिलने की बात सामने आई है, जिसके आधार पर जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या हत्या के बाद घटना को किसी दूसरे रूप में दिखाने या घर में आग लगाने की कोशिश की गई थी। इस पहलू की भी जांच जारी है।
राकेश अग्रवाल 1982 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी थे और 2016 में नरोन्हा प्रशासन अकादमी के महानिदेशक पद से सेवानिवृत्त हुए थे। हत्या के बाद उनका शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के बाद मामले से जुड़े कई पहलुओं पर स्थिति और स्पष्ट होगी।
पुलिस फिलहाल लापता केयरटेकर की तलाश के साथ-साथ हत्या की पूरी परिस्थितियों को जोड़ने में जुटी है। आरोपी की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद ही हत्या की वजह और वारदात में उसकी वास्तविक भूमिका के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।