Bhojshala Verdict Live: हाईकोर्ट ने भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना, ASI को सौंपी संरक्षण की जिम्मेदारी
Bhojshala Verdict Live: हाईकोर्ट ने भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना, ASI को सौंपी संरक्षण की जिम्मेदारी
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने धार की भोजशाला और कमाल मौला मस्जिद विवाद में अहम फैसला सुनाते हुए भोजशाला को वाग्देवी मंदिर घोषित कर दिया है। अदालत ने हिंदू समाज को पूजा-अर्चना का अधिकार देने के साथ ही परिसर के संरक्षण और प्रबंधन की जिम्मेदारी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग यानी ASI को सौंपी है। कोर्ट ने कहा कि ASI की सर्वे रिपोर्ट, ऐतिहासिक दस्तावेज, स्थापत्य अवशेष और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट होता है कि यह स्थल धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। अदालत ने नमाज की अनुमति देने वाले ASI के पुराने आदेश को भी निरस्त कर दिया।
फैसले के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार का संवैधानिक दायित्व है कि वह धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले सभी स्थलों की सुरक्षा और पवित्रता सुनिश्चित करे। अदालत ने यह भी कहा कि श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। कोर्ट ने दोनों पक्षों द्वारा सुनवाई के दौरान अपनाए गए सहयोगात्मक रवैये की भी सराहना की।
भोजशाला विवाद को लेकर 2022 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसके बाद ASI ने वैज्ञानिक सर्वे कराया था। करीब 98 दिनों तक चले सर्वे में कई ऐतिहासिक और पुरातात्विक तथ्य जुटाए गए, जिनके आधार पर अदालत ने यह निर्णय सुनाया। फैसले को देखते हुए धार, इंदौर और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन सोशल मीडिया पर भी निगरानी बनाए हुए था ताकि कोई अफवाह या भड़काऊ संदेश माहौल खराब न कर सके।
फैसले के बाद मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है। शहर काजी वकार सादिक ने कहा कि वे हाईकोर्ट के आदेश का अध्ययन करेंगे और कानूनी सलाह लेकर आगे की रणनीति तय करेंगे। इस फैसले के बाद भोजशाला विवाद देशभर में चर्चा का विषय बन गया है।