Bharuch Reactor Blast: गुजरात के भरूच में सिनजील फार्माकेम यूनिट में भीषण विस्फोट, 5 मजदूरों की मौत; जहरीली गैस के रिसाव से मचा हड़कंप
Bharuch Reactor Blast: गुजरात के भरूच में सिनजील फार्माकेम यूनिट में भीषण विस्फोट, 5 मजदूरों की मौत; जहरीली गैस के रिसाव से मचा हड़कंप
गुजरात के भरूच जिले में एक फार्मा केमिकल फैक्ट्री में भीषण विस्फोट होने से पांच मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। यह हादसा शुक्रवार, 16 अक्टूबर की रात करीब 10 बजे वागरा तालुका के सायखा जीआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र स्थित सिनजील फार्माकेम यूनिट में हुआ। घटना के बाद पूरे औद्योगिक क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस, जिला प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री में रासायनिक उत्पादन के दौरान हाइड्रोजनीकरण की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान करीब 15 किलोलीटर क्षमता वाला रिएक्टर अचानक फट गया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि रिएक्टर के हिस्से और मशीनरी के टुकड़े फैक्ट्री परिसर में दूर-दूर तक बिखर गए। कुछ हिस्से परिसर से बाहर तक जा गिरे। धमाके की आवाज आसपास के इलाकों में भी सुनाई देने की खबर है, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।
विस्फोट के बाद फैक्ट्री में मेथिलीन डाइक्लोराइड (MDC) गैस के रिसाव की भी सूचना मिली। इसके चलते घटनास्थल के आसपास धूल और धुंध जैसी स्थिति बन गई। वहां मौजूद कुछ मजदूरों और अन्य लोगों ने आंखों में तेज जलन की शिकायत की। रासायनिक गैस के संभावित खतरे को देखते हुए अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और रिसाव की स्थिति का आकलन शुरू किया।
हादसे में जान गंवाने वाले पांच मजदूरों की पहचान जयदीप महेशभाई पटेल, भाविक दिलीपकुमार वसावा, वृंद तलाविया, अनिकेत हरिलाल गौतम और अर्जुनकुमार रामसिंह गौतम के रूप में बताई गई है। इनमें कुछ गुजरात के अलग-अलग जिलों के निवासी थे, जबकि अनिकेत और अर्जुनकुमार उत्तर प्रदेश के रहने वाले बताए गए हैं। हादसे में घायल मजदूरों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। शुरुआती रिपोर्टों में घायलों की संख्या पांच से छह के बीच बताई गई है।
घटना की जानकारी मिलने पर भरूच जिला प्रशासन, पुलिस, गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने रिएक्टर विस्फोट और गैस रिसाव से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और फैक्ट्री में औद्योगिक सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। विस्फोट के वास्तविक कारण की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बताया गया है कि सिनजील फार्माकेम की सायखा स्थित इकाई करीब एक साल पहले शुरू हुई थी और यहां दवा निर्माण में इस्तेमाल होने वाले रासायनिक पदार्थों का उत्पादन किया जाता है। इस हादसे ने औद्योगिक इकाइयों में रासायनिक प्रक्रियाओं और सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां घटनास्थल से मिले तथ्यों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हादसे की वजह का पता लगाने में जुटी हैं।