Bengaluru Triple Murder: ट्रिपल मर्डर से पहले टेक इंजीनियर ने AI से पूछे थे हमले के तरीके, लैपटॉप की सर्च हिस्ट्री से चौंकाने वाला खुलासा

Bengaluru Triple Murder: ट्रिपल मर्डर से पहले टेक इंजीनियर ने AI से पूछे थे हमले के तरीके, लैपटॉप की सर्च हिस्ट्री से चौंकाने वाला खुलासा

बेंगलुरु के सीगेहल्ली इलाके में जून 2026 में हुए ट्रिपल मर्डर केस की जांच में एक बेहद चौंकाने वाला डिजिटल सुराग सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, 25 वर्षीय टेक इंजीनियर जे. केनेथ ने अपनी लिव-इन पार्टनर श्वेता के परिवार पर कथित हमला करने से पहले AI टूल का इस्तेमाल कर अलग-अलग हमले की परिस्थितियों और लोगों को काबू करने के तरीकों के बारे में जानकारी हासिल की थी। केनेथ के लैपटॉप की फॉरेंसिक जांच के दौरान सामने आई सर्च हिस्ट्री ने जांच अधिकारियों को हैरान कर दिया है।

पुलिस के अनुसार, लैपटॉप में AI से जुड़े कई ऐसे सवाल मिले, जो सामान्य जानकारी से कहीं आगे जाते दिखाई दिए। इनमें किचन नाइफ से जानलेवा हमला करने, सिरका और मिर्च पाउडर जैसे पदार्थों से किसी व्यक्ति को असहाय करने, तीन लोगों को घुटनों पर हमला कर काबू करने और घर में घुसे लोगों से निपटने जैसे सवाल शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा केनेथ ने घातक हथियारों के इतिहास से जुड़ी जानकारी भी तलाशने की कोशिश की थी।

जांच एजेंसियों के लिए इन सवालों की टाइमिंग भी बेहद महत्वपूर्ण है। पुलिस का कहना है कि ये डिजिटल गतिविधियां 22 जून को हुए हमले से पहले की हैं। हालांकि अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुआ है कि AI सिस्टम ने इन सवालों के जवाब में केनेथ को वास्तव में क्या जानकारी दी थी। पुलिस ने इस डिजिटल रिकॉर्ड को मामले में अहम साक्ष्य माना है और इससे जुड़े तकनीकी डेटा की जांच जारी है।

मामले में एक और महत्वपूर्ण सुराग घटनास्थल से मिला है। पुलिस को एक बोतल मिली, जिसमें सिरका और मिर्च पाउडर होने की बात सामने आई है। इस बोतल को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी यानी FSL भेजा गया है। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि बरामद सामग्री का उस हमले से कोई सीधा संबंध था या नहीं।

इस ट्रिपल मर्डर की जड़ में आर्थिक तनाव और परिवार के भीतर बढ़ता विवाद बताया जा रहा है। पुलिस की ओर से अदालत में दाखिल करीब 2,085 पन्नों की चार्जशीट के मुताबिक, श्वेता ने कथित तौर पर केनेथ के लिए लगभग 52 लाख रुपये के कर्ज लिए थे। इसमें करीब 30 लाख रुपये का बिजनेस लोन, अलग-अलग बैंकों से लिए गए व्यक्तिगत कर्ज और दोस्तों, रिश्तेदारों, क्लासमेट्स तथा सहयोगियों से उधार ली गई रकम शामिल बताई गई है।

कर्ज की किस्तों का भुगतान नहीं होने के बाद बैंक की ओर से श्वेता के माता-पिता के घर नोटिस पहुंचा। इसके बाद परिवार को पहली बार बड़े कर्ज की जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक, श्वेता के पिता सोमा सुंदर ने केनेथ से इस रकम को लेकर सवाल किए। इसी मुद्दे को लेकर परिवार में तनाव बढ़ता गया और बाद में विवाद बेहद हिंसक रूप ले गया।

22 जून की रात बेंगलुरु के सीगेहल्ली स्थित साई ग्रीन अपार्टमेंट के एक फ्लैट में श्वेता के माता-पिता और उसकी छोटी बहन पर कथित रूप से चाकू से हमला किया गया। 55 वर्षीय सोमा सुंदर, उनकी पत्नी मुथुलक्ष्मी और 20 वर्षीय बेटी सुप्रिया इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुए। सोमा सुंदर कई चोटों के बावजूद किसी तरह फ्लैट से बाहर निकलकर सीढ़ियों तक पहुंच गए।

पड़ोसियों और सुरक्षा कर्मचारियों ने उन्हें गंभीर हालत में देखा और पुलिस को सूचना दी। बताया जाता है कि सोमा सुंदर ने पुलिस को अपनी पत्नी और बेटी के फ्लैट के अंदर होने की जानकारी दी और उन्हें बचाने के लिए कहा। तीनों घायलों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान मुथुलक्ष्मी, सुप्रिया और बाद में सोमा सुंदर की भी मौत हो गई।

पुलिस जांच में आरोप लगाया गया कि घटना के बाद श्वेता और केनेथ वहां से फरार हो गए और बाद में पुडुचेरी पहुंचे। दोनों को वहीं से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उन्हें बेंगलुरु लाया गया और उनके डिजिटल उपकरणों की जांच शुरू हुई। इसी जांच के दौरान लैपटॉप से AI से संबंधित गतिविधियों का रिकॉर्ड सामने आया।

पुलिस के मुताबिक, केनेथ केवल हमले से जुड़े सवालों तक सीमित नहीं था। उसकी डिजिटल हिस्ट्री में बैंक से आने वाली लगातार कॉल से निपटने, किसी दोस्त के कर्ज से जुड़े दबाव और दिवालिया घोषित होने की प्रक्रिया से संबंधित सवाल भी पाए गए। जांच अधिकारियों का मानना है कि इन सभी डिजिटल गतिविधियों को घटना से पहले की परिस्थितियों के संदर्भ में देखा जाना जरूरी है।

जांच में यह भी सामने आया कि केनेथ और श्वेता एक साथ बिजनेस शुरू करने की तैयारी कर रहे थे और क्लाउड किचन से जुड़ा सेटअप तैयार किया जा रहा था। पुलिस ने इस सेटअप और उससे जुड़ी वस्तुओं की भी जांच की है। पहले की जांच में यह आरोप सामने आया था कि केनेथ ने कथित तौर पर एक लोहे की भट्ठी तैयार की थी और उसके संभावित इस्तेमाल को लेकर भी AI से जानकारी ली थी। हालांकि इन सभी दावों का अंतिम निष्कर्ष अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और जांच के नतीजों पर निर्भर करेगा।

इस मामले ने AI के संभावित दुरुपयोग को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस ने संबंधित तकनीकी कंपनी से डिजिटल रिकॉर्ड और चैट हिस्ट्री से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी मांगी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि केनेथ ने AI का किस स्तर तक इस्तेमाल किया और उसके सवालों तथा कथित अपराध की तैयारी के बीच कितना सीधा संबंध था।

हालांकि AI को इस मामले में आरोपी या सह-आरोपी मानने का सवाल फिलहाल कानूनी रूप से लागू नहीं होता। AI अपने आप किसी अपराध के लिए आपराधिक जिम्मेदारी नहीं उठा सकता। जांच का वास्तविक मुद्दा यह है कि आरोपी ने तकनीक का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया, उसे किस तरह की जानकारी मिली और क्या उस जानकारी का कथित अपराध की योजना या तैयारी में कोई प्रत्यक्ष योगदान था।

बेंगलुरु का यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि जांच एजेंसियों को पहली बार किसी ऐसे गंभीर अपराध में AI से जुड़े इतने विस्तृत डिजिटल रिकॉर्ड की जांच करनी पड़ रही है। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों, फॉरेंसिक रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले सामान और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को जोड़कर यह तय करने की कोशिश कर रही है कि ट्रिपल मर्डर की पूरी योजना किस तरह तैयार हुई और उसमें श्वेता तथा केनेथ की कथित भूमिका क्या थी।

 

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