Amit Kashyap Murder Case: मेरठ में पति की हत्या कर सांप के डसने का नाटक, पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप दोषी; कल सुनाई जाएगी सजा

Amit Kashyap Murder Case: मेरठ में पति की हत्या कर सांप के डसने का नाटक, पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप दोषी; कल सुनाई जाएगी सजा

उत्तर प्रदेश के मेरठ में अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत ने उसकी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को हत्या का दोषी करार दिया है। दोनों पर अमित की हत्या करने के बाद उसकी मौत को सांप के डसने से हुई दुर्घटना दिखाने की साजिश रचने का आरोप था। अदालत ने 7 अक्टूबर को दोनों को दोषी ठहराया था और अब 16 अक्टूबर को उनकी सजा पर फैसला सुनाया जाएगा। करीब 17 महीने से चर्चा में रहे इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोबाइल फोन कॉल रिकॉर्ड और गवाहों के बयान अभियोजन पक्ष के लिए अहम साबित हुए।

यह मामला मेरठ जिले के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव का है। अमित कश्यप उर्फ मिक्की की 12 अप्रैल 2025 को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। शुरुआत में परिवार को लगा कि उसकी मौत सांप के काटने से हुई है, क्योंकि उसके शव के पास एक सांप मिला था। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सर्पदंश नहीं, बल्कि दम घुटना सामने आया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच हत्या के एंगल से शुरू की और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।

जांच के दौरान सामने आया कि अमित की पत्नी रविता और उसके पड़ोसी अमरदीप के बीच कथित प्रेम संबंध थे। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, अमित को दोनों के संबंधों की जानकारी हो गई थी। इसके बाद रविता और अमरदीप ने कथित तौर पर उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। आरोप है कि दोनों ने अमित की गला दबाकर हत्या की और फिर शव के पास सांप रख दिया, ताकि परिवार और पुलिस को लगे कि उसकी मौत सांप के काटने से हुई है। हालांकि, अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर दोनों को हत्या और आपराधिक साजिश का दोषी ठहराया गया।

मामले की जांच में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मेडिकल जांच में स्पष्ट हुआ कि अमित की मौत दम घुटने के कारण हुई थी, न कि सांप के काटने से। शव के पास मिले सांप की भी जांच कराई गई। अभियोजन के अनुसार, सांप के जहर से जुड़ी स्थिति और शरीर पर मिले निशानों ने शुरुआती कहानी पर सवाल खड़े किए। इन तथ्यों के बाद पुलिस ने पत्नी और उसके कथित प्रेमी की भूमिका की गहराई से जांच की।

जांच के दौरान उस व्यक्ति से भी पूछताछ की गई, जिस पर कथित तौर पर सांप उपलब्ध कराने का आरोप था। अभियोजन के मुताबिक, अमरदीप ने एक जागरण में इस्तेमाल करने का बहाना बनाकर सपेरे से सांप लिया था। बाद में सपेरे को मामले में अभियोजन गवाह बनाया गया। अदालत में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य पेश किए गए। अभियोजन पक्ष ने मोबाइल फोन रिकॉर्ड का भी हवाला दिया। उसके अनुसार, अमित की मौत के बाद भी रविता और अमरदीप के बीच लगातार संपर्क बना रहा, जिससे जांच में दोनों की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण सवाल सामने आए।

अपर जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत ने 7 अक्टूबर को सुनवाई पूरी होने के बाद रविता और अमरदीप को हत्या तथा आपराधिक साजिश का दोषी ठहराया। दोनों के खिलाफ करीब 17 महीने तक कानूनी प्रक्रिया चली। अब 16 अक्टूबर को अदालत उनकी सजा तय करेगी। इस मामले में मृतक के परिवार को फैसले से न्याय की उम्मीद है। हालांकि, सजा की अवधि क्या होगी, यह अदालत के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।

मेरठ में यह मामला एक अन्य चर्चित हत्याकांड के कारण भी चर्चा में है। सौरभ राजपूत हत्याकांड में उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद अमित कश्यप मामले की सजा को लेकर भी लोगों की नजरें अदालत पर टिकी हैं। दोनों मामले अलग-अलग हैं और अदालत प्रत्येक मामले में उपलब्ध साक्ष्यों तथा परिस्थितियों के आधार पर फैसला करती है। अमित कश्यप हत्याकांड में अब अगला महत्वपूर्ण घटनाक्रम 16 अक्टूबर को होने वाली सजा की सुनवाई होगी।

 

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