Daler Mehndi Controversy: दलेर मेहंदी से माफी मांगने के बजाय इस्तीफा दे दूंगा, उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल का दोटूक बयान
देहरादून। पंजाबी गायक दलेर मेहंदी और उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले में मंत्री सुबोध उनियाल ने एक बार फिर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि यदि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व भी उनसे दलेर मेहंदी से माफी मांगने के लिए कहता है, तो वह माफी मांगने के बजाय मंत्री पद से इस्तीफा देना पसंद करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके लिए पद से ज्यादा आत्मसम्मान महत्वपूर्ण है और वह अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं करेंगे। 3 नवंबर को सामने आए उनके इस बयान के बाद विवाद ने एक बार फिर राजनीतिक और मनोरंजन जगत में चर्चा पकड़ ली है।
सुबोध उनियाल ने यह बात देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर स्थित त्रिशूल शूटिंग रेंज में आयोजित 35वीं ऑल इंडिया जी.वी. मावलंकर शूटिंग चैंपियनशिप-2026 के दौरान कही। कार्यक्रम में संबोधन के दौरान उन्होंने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की ओर से उनसे माफी मांगने को कहा गया था, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया। उनियाल ने साफ कहा कि यदि उन्हें माफी मांगने और इस्तीफा देने में से किसी एक विकल्प को चुनना पड़ा, तो वह इस्तीफा देना पसंद करेंगे। उनका कहना है कि जीवन में आत्मसम्मान सबसे बड़ी चीज है।
यह पूरा विवाद 18 अक्टूबर को टिहरी जिले के नई टिहरी में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की सांस्कृतिक संध्या से शुरू हुआ था। कार्यक्रम में पंजाबी गायक दलेर मेहंदी प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और गायक की प्रस्तुति को लेकर नाराजगी जताने लगे। मंत्री ने दलेर मेहंदी के गाने के तरीके पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि वह ठीक से गाना नहीं गा रहे हैं तथा लाइव परफॉर्मेंस के बजाय लिप-सिंक कर रहे हैं। उन्होंने गायक की शारीरिक स्थिति पर भी टिप्पणी की और कहा कि दर्शकों को मनोरंजन की उम्मीद थी, लेकिन प्रस्तुति उम्मीदों के अनुरूप नहीं रही।
मंच पर हुई बातचीत जल्द ही तीखी बहस में बदल गई। सुबोध उनियाल ने दलेर मेहंदी पर नशे की हालत में कार्यक्रम में आने का आरोप भी लगाया था। उन्होंने यह भी सवाल उठाया था कि कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए कथित तौर पर 35 लाख रुपये लिए गए, इसके बावजूद दर्शकों को अपेक्षित प्रदर्शन नहीं मिला। मंत्री ने कहा था कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्होंने दर्शकों की नाराजगी और कार्यक्रम की स्थिति को देखते हुए गायक को टोका था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद मंत्री के व्यवहार और गायक के सम्मान को लेकर बहस शुरू हो गई।
दलेर मेहंदी के भाई और मशहूर गायक मीका सिंह ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताई थी। उन्होंने सुबोध उनियाल से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की थी। मीका सिंह ने अपने भाई का बचाव करते हुए कहा था कि दलेर मेहंदी की हाल ही में बड़ी सर्जरी हुई थी, जिसके कारण उन्हें लंबे समय तक गाने में परेशानी हो रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि दलेर मेहंदी ने पहले से तय पेशेवर प्रतिबद्धता के कारण कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। मीका ने मंत्री की ओर से लगाए गए नशे के आरोपों पर भी आपत्ति जताई और कहा कि उनके भाई शराब का सेवन नहीं करते हैं।
विवाद बढ़ने के बाद बॉलीवुड और संगीत जगत की कई हस्तियां भी दलेर मेहंदी के समर्थन में सामने आईं। अभिनेता अनुपम खेर, कपिल शर्मा, राजपाल यादव और गायक शान सहित कई कलाकारों ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी। कलाकारों ने कहा कि किसी भी कलाकार के साथ सार्वजनिक मंच पर इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए। वहीं, मीका सिंह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी बातचीत की थी। मीका ने दावा किया था कि मुख्यमंत्री ने दलेर मेहंदी और उनसे बातचीत के दौरान मंत्री की ओर से खेद जताया और पूरे मामले को सम्मानजनक तरीके से सुलझाने का भरोसा दिया।
इस बीच दलेर मेहंदी से फोन पर माफी मांगने को लेकर भी विवाद सामने आया था। मीका सिंह की टीम की ओर से दावा किया गया था कि सुबोध उनियाल ने दलेर मेहंदी से फोन पर बातचीत कर माफी मांगी है। हालांकि, सुबोध उनियाल ने 27 अक्टूबर को ही इन खबरों का खंडन करते हुए कहा था कि जब उन्होंने कोई अपराध नहीं किया तो माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने दलील दी थी कि यदि दलेर मेहंदी की तबीयत ठीक नहीं थी तो उन्हें कार्यक्रम में आने से पहले आयोजकों और दर्शकों को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी।
अब एक बार फिर मंत्री के ताजा बयान ने इस विवाद को सुर्खियों में ला दिया है। विपक्षी दलों की ओर से पहले भी सुबोध उनियाल के इस्तीफे की मांग की जा चुकी है। वहीं, मंत्री अपने रुख पर कायम हैं और उन्होंने साफ कर दिया है कि वह दलेर मेहंदी से माफी नहीं मांगेंगे। फिलहाल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी या भाजपा नेतृत्व की ओर से उनके ताजा बयान पर किसी नए फैसले की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व इस विवाद को लेकर क्या रुख अपनाता है और क्या दोनों पक्षों के बीच बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने की कोई नई कोशिश होती है।





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