Shraddha Dubey Murder Case: शिवा शर्मा हत्याकांड में 11 दिन तक फरारी काटने के बाद लखनऊ पहुंचीं मॉडल श्रद्धा दुबे, पूछताछ में साधी चुप्पी
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बहुचर्चित युवा कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में मुख्य आरोपी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर व मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी सगी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश को लेकर यूपी पुलिस का काफिला गुरुवार सुबह हजरतगंज कोतवाली पहुंच गया। महाराष्ट्र की नागपुर अदालत से 24 अक्टूबर तक की ट्रांजिट रिमांड हासिल करने के बाद पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम करीब 850 किलोमीटर की सड़क यात्रा पूरी कर तीनों आरोपियों को लखनऊ लेकर आई। पुलिस वैन से उतरते ही हाथ जोड़े नजर आई श्रद्धा दुबे से महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हजरतगंज थाने में गहन पूछताछ शुरू कर दी गई है, हालांकि पुलिस सूत्रों का कहना है कि हत्याकांड की साजिश और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई अहम सवालों पर आरोपी मॉडल लगातार चुप्पी साधे हुए है।
यह सनसनीखेज वारदात 9 अक्टूबर 2026 को उस वक्त सामने आई थी जब लखनऊ के हजरतगंज स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से संदिग्ध हालात में गिरकर कारोबारी शिवा शर्मा की मौत हो गई थी। मृतक की मां रंजना शर्मा ने लिव-इन पार्टनर श्रद्धा दुबे और उसके परिजनों पर शिवा को ब्लैकमेल करने, जबरन करोड़ों रुपये ऐंठने और प्रताड़ित कर जान से मारने का आरोप लगाते हुए बीएनएस की धारा 103(1) में हत्या की नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी। घटना के तुरंत बाद आरोपी अपनी लग्जरी स्कॉर्पियो कार से नेपाल सीमा की ओर भागे थे और पुलिस को चकमा देने के लिए अपनी गाड़ियां, सिम कार्ड और ठिकाने लगातार बदलते रहे। पुलिस की सर्विलांस टीम ने करीब 200 सीसीटीवी कैमरों और एक ई-रिक्शा चालक की सूचना के आधार पर नागपुर के चिंचभवन स्थित एक रिहायशी फ्लैट से 20 अक्टूबर को तीनों को गिरफ्तार किया था।
हजरतगंज कोतवाली में तीनों आरोपियों को अलग-अलग कमरों में बैठाकर आमने-सामने पूछताछ की जा रही है। जांच अधिकारियों का मुख्य फोकस 9 अक्टूबर की रात फ्लैट में मौजूद अन्य लोगों की पहचान, शिवा के मोबाइल से डिलीट किए गए डेटा, संपत्ति हड़पने की कथित साजिश और फरारी के दौरान मिले स्थानीय मददगारों का पता लगाने पर है। इस मामले में शुरुआती लापरवाही बरतने के आरोप में तत्कालीन थाना प्रभारी विक्रम सिंह सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के तबादले भी किए जा चुके हैं। पुलिस अब शुक्रवार को तीनों आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश कर पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग करेगी ताकि शिवा के गायब लैपटॉप, मोबाइल और वारदात में प्रयुक्त अन्य साक्ष्यों को बरामद किया जा सके।




