Ayodhya Ram Mandir: चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर, ट्रस्ट बैठक में चढ़ावा चोरी मामले पर बड़ा फैसला

0
Ayodhya Ram Mandir: चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर, ट्रस्ट बैठक में चढ़ावा चोरी मामले पर बड़ा फैसला

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले के बीच राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है। ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया। दोनों ने एसआईटी जांच शुरू होने के बाद अपने पदों से इस्तीफा दिया था, जिसे अब ट्रस्ट ने औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद पूरे मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

बताया गया कि ट्रस्ट की बैठक में चढ़ावा चोरी के मामले से देशभर में संस्था की छवि पर पड़े असर को लेकर गंभीर चर्चा हुई। सदस्यों ने कहा कि इस घटना से करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं और ट्रस्ट की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। बैठक के दौरान इस मुद्दे को प्राथमिकता देते हुए पहले चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर चर्चा की गई, उसके बाद अन्य विषयों पर विचार किया गया।

बैठक के दौरान गोपाल राव भी शामिल होने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन ट्रस्ट के सदस्यों ने उन्हें बैठक कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं दी। वहीं, ट्रस्ट के भीतर हुई चर्चा में यह भी कहा गया कि हाल के वर्षों में ट्रस्ट में हुई कई नियुक्तियों में चंपत राय और अनिल मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। इसी कारण उनकी प्रशासनिक जिम्मेदारियों और निर्णयों पर भी विस्तार से विचार किया गया।

ट्रस्ट की बैठक में शामिल स्वामी परमानंद गिरी ने कहा कि धर्म और आस्था की रक्षा करना सभी की पहली जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जब करोड़ों श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और विश्वास के साथ मंदिर से जुड़ते हैं तो छोटी से छोटी बात का भी विशेष ध्यान रखना आवश्यक होता है। उनके अनुसार चढ़ावा चोरी के आरोपों से पूरे देश में निराशा का माहौल बना है और इससे मंदिर ट्रस्ट की छवि प्रभावित हुई है।

बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से दोनों पदाधिकारियों के इस्तीफे को स्वीकार करने का निर्णय लिया। जानकारी के अनुसार चंपत राय और अनिल मिश्रा इस बैठक में शामिल नहीं हुए और उन्हें बैठक से बाहर ही रखा गया। ट्रस्ट का मानना है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने तक मामले को पूरी गंभीरता से आगे बढ़ाया जाएगा।

फिलहाल इस पूरे मामले की जांच एसआईटी द्वारा जारी है। जांच एजेंसी दोनों पूर्व पदाधिकारियों से पूछताछ भी कर चुकी है और मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।

राम मंदिर ट्रस्ट की इस अहम बैठक में ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज, निर्मोही अखाड़ा के प्रतिनिधि एवं ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास, ट्रस्ट सदस्य कामेश्वर चौपाल, उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद तथा अयोध्या के जिलाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में मंदिर प्रशासन, पारदर्शिता और श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखने से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई।

Leave A Reply

Your email address will not be published.