Ayodhya Ram Temple: निर्माण पूर्ण होने पर प्रधानमंत्री मोदी ने फहराया ऐतिहासिक भगवा धर्म ध्वज

0

Ayodhya Ram Temple: निर्माण पूर्ण होने पर प्रधानमंत्री मोदी ने फहराया ऐतिहासिक भगवा धर्म ध्वज

अयोध्या, भारतीय संस्कृति, आस्था और सभ्यता के केंद्र अयोध्या ने मंगलवार को इतिहास के एक अद्वितीय क्षण का साक्षी बना, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के पूर्ण निर्माण के उपलक्ष्य में मंदिर परिसर में 20 फ़ीट लंबा और 10 फ़ीट ऊँचा समकोण त्रिभुजाकार भगवा धर्म ध्वज फहराया। यह ध्वज प्रभु श्रीराम के पराक्रम और मर्यादा का प्रतीक है, जिसमें तेजस्वी सूर्य, ‘ॐ’ और पवित्र कोविदारा वृक्ष अंकित हैं।

ध्वजारोहण समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। समारोह के दौरान राम नगरी में भक्ति और उत्साह की लहर उमड़ पड़ी, और पूरा वातावरण “जय श्री राम” के नारों से गूंज उठा।

प्रधानमंत्री मोदी ध्वजारोहण से पहले एक भव्य रोड शो के साथ राम मंदिर पहुंचे। इस पवित्र अवसर को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा—
“अयोध्या आज भारत की सांस्कृतिक चेतना के एक नए युग का साक्षी है। यह ध्वजारोहण श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दिव्य और अलौकिक अध्याय का आरंभ है। सियावर रामचंद्र की जय।”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दिन को नए युग की शुरुआत बताते हुए कहा कि भगवा ध्वज धर्म, मर्यादा, सत्य, न्याय और राष्ट्रधर्म का प्रतीक है और 140 करोड़ भारतीयों की आस्था और सम्मान का प्रतिरूप है। उन्होंने इसे उन अनगिनत संतों, रामभक्तों और वीरों को समर्पित किया जिन्होंने श्रीराम मंदिर आंदोलन में अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

अयोध्या में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतज़ाम किए गए। शहर में 6,970 से अधिक सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया, जिनमें एटीएस कमांडो, एनएसजी स्नाइपर्स, साइबर विशेषज्ञ और विशेष तकनीकी टीमें शामिल थीं। मंदिर परिसर में ड्रोन रोधी तकनीक, उच्च स्तरीय निगरानी प्रणालियाँ और विस्फोटक पहचान उपकरण सक्रिय थे।

हजारों की संख्या में आए श्रद्धालुओं ने ध्वज आरोहण को एक “ऐतिहासिक उपलब्धि” बताया। सुबह से ही शहर में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा, और मंदिर तक जाने वाले मार्गों पर भजन, जयकारे और भक्ति संगीत गूंजता रहा।

अयोध्या के इस दिव्य क्षण में प्रधानमंत्री मोदी ने राम दरबार गर्भ गृह, राम लला गर्भ गृह, सप्तमंदिर, शेषावतार मंदिर और माता अन्नपूर्णा मंदिर में दर्शन-पूजन भी किया। मंदिर परिसर की सजावट विशेष रूप से आकर्षक थी—बाहरी दीवारों पर वाल्मीकि रामायण के 87 पत्थरों पर उत्कीर्ण प्रसंग, वहीं चारों ओर भारतीय संस्कृति के 79 ब्रॉन्ज शिल्प, मंदिर की भव्यता और गौरव को चरम पर ले जाने वाले थे।

आज का दिन केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं था, बल्कि भारत की सांस्कृतिक शक्ति, आस्था की निरंतरता और राष्ट्रधर्म की अमर लौ का प्रतीक बन गया। अयोध्या ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि प्रभु श्रीराम केवल आस्था नहीं—बल्कि भारत की आत्मा हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.