दिल्ली में प्रदूषण के मसले पर BJP-AAP आमने-सामने, एक दूसरे पर फोड़ा ठीकरा, गोपाल राय की बड़ी अपील

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Gopal Rai On Delhi Pollution: दिल्ली में प्रदूषण को रोकने में विफल रहने पर आप सरकार के खिलाफ बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं का हमला जारी है. इस बार विरोधी दलों की ओर से जारी इन हमलों का जवाब देने के लिए आम आदमी पार्टी की पुख्ता तैयारी है. उन्होंने खासतौर से बीजेपी को इस मुद्दे पर राजनीति न करने की नसीहत पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने दी है.

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय का कहना है कि दिल्ली में प्रदूषण का एक बड़ा कारण इसके आसपास एक राज्यों में फैला प्रदूषण, जो हवा के साथ दिल्ली तक पहुंच जाती है. इनमें यूपी की डीजल बसों का खासा योगदान है. उत्तर-प्रदेश की बीजेपी सरकार इस पर लगाम लगाने के लिए कोई भी कदम नहीं उठा रही है. ऐसे ही दिल्ली से सटे हरियाणा, राजस्थान में भी प्रदूषण को लेकर वहां की सरकारें निष्क्रिय पड़ी हुई हैं.

‘बीजेपी पर सहयोग न करने का लगाया आरोप’

केंद्र के साथ इन राज्यों में भी बीजेपी की ही सरकारें हैं. यहां की सरकारों का प्रदूषण नियंत्रण को लेकर रवैया उदासीन है. जबकि दिल्ली सरकार दिन-रात दिल्लीवासियों पर पड़ने वाले प्रदूषण के दुष्प्रभाव को कम से कम करने की कोशिश में जुटी है.

‘सभी को साथ मिलकर करना होगा काम’

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि प्रदूषण को लेकर बयानबाजी या सियासत करने से इसका निदान नहीं निकलने वाला है. सभी सरकारों को साथ मिल कर इसके लिए काम करना होगा. दिल्ली सरकार अपना काम कर रही है. जरूरत है यूपी, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब की सरकारें भी इस दिशा में ठोस कदम उठाएं. ताकि प्रदूषण पर लगाम लगाया जा सके.

उन्होंने बीजेपी नेता पर हमलावर होते हुए कहा कि शहजाद पूनावाला, कनॉट प्लेस स्थित स्मॉग टावर का जायजा लेने गए थे, जो कि फिलहाल बंद पड़ा है. यह दिल्ली सरकार द्वारा लगवाया गया था. इसके उलट उन्होंने कहा कि बीजेपी के किसी नेता ने आनंद विहार स्थित केंद्र सरकार द्वारा लगवाए गए स्मॉग टावर का निरीक्षण नहीं किया, जो बंद पड़ा है. कनॉट प्लेस के स्मॉग टावर की बीजेपी वाले खूब बात करते हैं. वे आनंद विहार वाले स्मॉग टावर को वे भूल जाते हैं.

प्रदूषण को रोकने के लिए 523 टीमें तैनात

उन्होंने कहा कि प्रदूषण के 13 हॉटस्पॉट को चिन्हित कर 13 कमेटियों का गठन किया गया है. उन्हें चिन्हित हॉटस्पॉट पर प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए जमीनी स्तर पर काम करने की जिम्मेदारी दी गई हैं. साथ ही धूल उड़ने वाले कंस्ट्रक्शन साइट के खिलाफ एक विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है. इसके तहत अब तक 523 टीमों ने 2764 कंस्ट्रक्शन साईट का निरीक्षण किया और एंटी डस्ट संबंधी सभी 14 नियमों को न मानने वाले 76 साईट्स के खिलाफ साढ़े 17 लाख से ज्यादा रुपये का जुर्माना लगाया है.

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