Udhampur Encounter: उधमपुर में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, जैश के दो खूंखार आतंकवादी मुठभेड़ में ढेर
Udhampur Encounter: उधमपुर में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, जैश के दो खूंखार आतंकवादी मुठभेड़ में ढेर
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सुरक्षाबलों को आतंकवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त ऑपरेशन के दौरान जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकवादियों को मार गिराया है। मारे गए आतंकवादियों में जैश का एक शीर्ष कमांडर भी शामिल बताया जा रहा है। यह कार्रवाई जिले के ऊपरी और जंगली इलाके में की गई, जहां आतंकवादी एक गुफा में छिपे हुए थे।
सेना के अधिकारियों के मुताबिक, आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिलने के बाद इलाके की घेराबंदी की गई और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। शाम करीब साढ़े सात बजे आतंकवादियों ने अंधेरे का फायदा उठाकर भागने की कोशिश की, जिसके बाद सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच भीषण गोलीबारी शुरू हो गई। इस दौरान कई जोरदार धमाकों की आवाजें भी सुनी गईं, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाले रखा और आतंकवादियों को भागने का कोई मौका नहीं दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना ने अतिरिक्त बल मौके पर भेजे, जिनमें पैराट्रूपर्स और श्वान दस्ता भी शामिल था। पूरी रात इलाके में तलाशी अभियान चलता रहा, जिसके बाद दोनों आतंकवादियों के मारे जाने की पुष्टि हुई।
यह 15 दिसंबर के बाद उधमपुर जिले में दूसरी बड़ी मुठभेड़ है। इससे पहले सौन गांव में हुई मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी शहीद हो गया था, जबकि आतंकवादी घने जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए थे। जनवरी महीने में भी जम्मू क्षेत्र में कई मुठभेड़ें हुईं। कठुआ जिले में जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तानी आतंकवादी उस्मान को ढेर किया गया था, जबकि किश्तवाड़ के चतरू वन क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में एक पैराट्रूपर शहीद हो गया था।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, मारा गया आतंकी उस्मान उसी गिरोह का हिस्सा था, जो लंबे समय से उधमपुर और आसपास के इलाकों में सक्रिय था। जम्मू क्षेत्र के ऊपरी इलाकों में छिपे आतंकवादियों के खिलाफ लगातार गहन अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि सीमा पार से हो रही आतंकी साजिशों को पूरी तरह नाकाम किया जा सके।
इस ताजा मुठभेड़ को सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, जिससे आतंकवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।