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केस में हर रिश्तेदार को फंसाना गलत’

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पति-पत्नी के झगड़े में पति के रिश्तेदारों को भी बेवजह पक्ष नहीं बनाया जा सकता. अगर घरेलू हिंसा के मामले में कोई रिश्तेदार दखल नहीं देता, तो यह उसे भी आपराधिक मुकदमे के आरोपी बना देने का आधार नहीं हो सकता. तेलंगाना के एक मामले में पति की मौसी और उनकी बेटी को राहत देते हुए…
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