दूसरे धर्म से जुड़े होने पर भी पटाखों पर लगते प्रतिबंध? दिल्ली BJP नेता का AAP सरकार से सवाल

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Firecrackers Ban In Delhi: दिल्ली सहित देश भर में त्योहारी सीजन का दौर जारी है. दशहरा पर्व समाप्त होते ही लोग अब दीवाली की तैयारियों में जुट गए हैं. रंग-रोगन और साफ-सफाई के साथ लोगों ने खरीदरियां भी लोगों ने शुरू दी है. इस बीच दिल्ली सरकार ने हर बार की तरह इस बार भी दीवाली के मौके पर पटाखों के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है.

दिल्ली सरकार इस फैसले पर बीजेपी नेता प्रवीण शंकर ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने ​दिल्ली सरकार से पूछा है कि क्या दीवाली दूसरे धर्म से जुड़े पर्व होते, तब भी इस पर प्रतिबंध लगाए जाते? उन्होंने कहा है कि दिल्ली सरकार का ये फैसला पूरी तरह से गलत है.

पटाखों पर प्रतिबंध निंदनीय

आप सरकार के इस आदेश पर दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि आतिशी मार्लेना सरकार द्वारा बिना किसी वैज्ञानिक रिसर्च को सामने रखे, वर्ष दर वर्ष पटाखों पर प्रतिबंध लगाना निंदनीय है. उन्होंने कहा कि बीजेपी विंटर प्रदूषण के दो बड़े कारणों पंजाब में पराली जलने एवं दिल्ली में धूल मिट्टी के विरूद्ध सख्त कदम उठाने में दिल्ली सरकार के साथ है, लेकिन महज तीन से चा-घंटे पटाखे जलने से ही सारा प्रदूषण बढ़ता है, यह स्वीकारने को हमारी पार्टी तैयार नहीं है.

ग्रीन पटाखों को बढ़ावा से भी पीछे हटी AAP

प्रवीण शंकर कपूर का कहना है कि वैज्ञानिक रिपोर्ट पराली एवं धूल मिट्टी को ही प्रदूषण का कारण मानती है. दीवाली की रात जलने वाले पटाखों से विंटर प्रदूषण बढ़ता है, ऐसी कोई रिपोर्ट आज तक दिल्ली सरकार ने कभी नहीं पेश की. तो फिर आधार पर सरकार हर वर्ष प्रतिबंध लगाती है?

उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पूर्व खुद तत्कालीन अरविंद केजरीवाल सरकार ग्रीन पटाखों को बढ़ावा दिया था, लेकिन अब वह उससे भी पीछे भाग चुकी है.

बता दें कि सोमवार को दिल्ली सरकार की ओर से एक आदेश जारी कर एक जनवरी 2025 तक पटाखों के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. इस दौरान सभी प्रकार के पटाखों के विनिर्माण, भंडारण, बिक्री, ऑनलाइन ट्रेड और पटाखों को फोड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा.

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