Kaushambi Accident: कौशांबी में दिल दहला देने वाला सड़क हादसा: खड़े ट्रक से टकराई नैनो कार, शिक्षिका की मौत, पति और दो नाती गंभीर

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Kaushambi Accident: कौशांबी में दिल दहला देने वाला सड़क हादसा, खड़े ट्रक से टकराई नैनो कार, शिक्षिका की मौत, पति और दो नाती गंभीर

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में बुधवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। नेशनल हाईवे पर खड़े ट्रक से नैनो कार की जोरदार टक्कर में सरकारी स्कूल की शिक्षिका नासरा बानो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पति और दो नाती गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसका अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया।

घटना सैनी कोतवाली क्षेत्र के कमासिन गांव के पास की है। जानकारी के अनुसार, फतेहपुर के सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के अफोई गांव निवासी इसरार अहमद अपनी पत्नी नासरा बानो और दो नाती — 10 वर्षीय जोहान और 8 वर्षीय यहिया — के साथ प्रयागराज में एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने गए थे। देर रात घर वापस लौटते समय उनकी नैनो कार तेज रफ्तार में अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे खड़े डीसीएम ट्रक में सीधी जा घुसी।

टक्कर की आवाज सुनते ही स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल यात्रियों को कार से बाहर निकाला। तुरंत ही पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी गई। सभी लोगों को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए इसरार अहमद और दोनों बच्चों को प्रयागराज के स्वरूपरानी मेडिकल कॉलेज (SRN) रेफर कर दिया गया। वहीं, 45 वर्षीय नासरा बानो को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

हादसे की सूचना मिलते ही घर में मातम छा गया। गांव में शोक की लहर दौड़ गई और लोग शिक्षिका की अचानक मौत से स्तब्ध हैं। परिजनों ने बताया कि नासरा बानो को गांव में एक समर्पित और संवेदनशील शिक्षिका के रूप में जाना जाता था।

घटना स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे सैनी क्षेत्राधिकारी सत्येंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि कार तेज गति में होने की वजह से चालक नियंत्रण खो बैठा और खड़े ट्रक में कार जा भिड़ी। पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की आगे की जांच की जा रही है।

इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर खड़े भारी वाहनों की सुरक्षा और चिन्हांकन व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय बिना रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेतों के खड़े ट्रक बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं और प्रशासन को इस मामले में कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

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