Delhi crime: साकेत कोर्ट परिसर में कोर्ट कर्मी की आत्महत्या, सुसाइड नोट में काम के दबाव और मानसिक तनाव का जिक्र
Delhi crime: साकेत कोर्ट परिसर में कोर्ट कर्मी की आत्महत्या, सुसाइड नोट में काम के दबाव और मानसिक तनाव का जिक्र
दिल्ली के साकेत कोर्ट परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब कोर्ट में कार्यरत एक कर्मचारी ने कोर्ट भवन की ऊपरी मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान हरिश सिंह के रूप में हुई है, जो साकेत कोर्ट में कर्मचारी के तौर पर कार्यरत थे। इस दुखद घटना से पूरे कोर्ट परिसर में शोक की लहर दौड़ गई है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें हरिश सिंह ने अपनी मानसिक परेशानी और अत्यधिक कार्य दबाव को आत्महत्या का मुख्य कारण बताया है। सुसाइड नोट में उन्होंने अपने लंबे समय से चले आ रहे तनाव का उल्लेख किया है, जिससे वह बुरी तरह जूझ रहे थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हरिश सिंह पिछले काफी समय से मानसिक तनाव में थे। परिजनों और सहकर्मियों ने भी बताया कि काम के दबाव के साथ-साथ वे शारीरिक रूप से दिव्यांग थे, जिससे उनकी दिनचर्या और मानसिक स्थिति पर गहरा असर पड़ रहा था। लगातार जिम्मेदारियों और तनाव के कारण वे काफी परेशान चल रहे थे।
इस घटना के बाद कोर्ट प्रशासन और कर्मचारियों में गहरा शोक व्याप्त है। कई सहकर्मियों ने बताया कि हरिश सिंह अपने काम के प्रति जिम्मेदार थे, लेकिन बढ़ते दबाव और मानसिक परेशानी ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया था। पुलिस ने परिजनों और सहकर्मियों के बयान दर्ज करने शुरू कर दिए हैं ताकि मामले की पूरी पृष्ठभूमि को समझा जा सके।
पुलिस का कहना है कि फिलहाल जांच में किसी भी तरह की आपराधिक साजिश के संकेत नहीं मिले हैं। सभी पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर कार्यस्थल पर बढ़ते तनाव और मानसिक स्वास्थ्य के गंभीर मुद्दों को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते मानसिक स्वास्थ्य को लेकर संवाद, सहयोग और सहायता न मिले तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।