Rohit Shetty Firing Case: हरियाणा से 4 अरेस्ट, बिश्नोई गैंग के इशारे पर रची गई साजिश, 15 दिन में बड़ा खुलासा
Rohit Shetty Firing Case: हरियाणा से 4 अरेस्ट, बिश्नोई गैंग के इशारे पर रची गई साजिश, 15 दिन में बड़ा खुलासा
बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक Rohit Shetty के घर पर हुई फायरिंग के मामले में मुंबई पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। Mumbai Police की क्राइम ब्रांच और Haryana Special Task Force ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर हरियाणा के बहादुरगढ़ से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई एक जॉइंट ऑपरेशन के तहत की गई, जिसमें एंटी एक्सटॉर्शन सेल और हरियाणा एसटीएफ ने मिलकर इन शूटरों को दबोचा।
हरियाणा एसटीएफ के एसपी विक्रांत भूषण के अनुसार, मुंबई पुलिस की एंटी एक्सटॉर्शन सेल ने उनसे संपर्क किया था और तकनीकी इनपुट साझा किए थे। इसके बाद बहादुरगढ़ में दबिश देकर मुख्य शूटर दीपक समेत चार आरोपियों को पकड़ा गया। गिरफ्तार सभी आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
जांच में सामने आया है कि मुख्य शूटर दीपक का संपर्क विदेश में बैठे गैंगस्टर हरि बॉक्सर और आरजू बिश्नोई से था, जो कुख्यात Lawrence Bishnoi Gang से जुड़े बताए जाते हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सोशल मीडिया के जरिए दीपक की आरजू बिश्नोई से बातचीत शुरू हुई थी। इसके बाद रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग की साजिश रची गई।
बताया जा रहा है कि दीपक को इस वारदात के लिए 50 हजार रुपये दिए गए थे और आगे और बड़ी रकम देने का आश्वासन दिया गया था। फायरिंग में अत्याधुनिक विदेशी हथियारों का इस्तेमाल हुआ। पुलिस के अनुसार, सन्नी और सोनू नाम के आरोपियों ने पहले घर की रेकी की थी, जबकि दीपक ने गोली चलाई। एक अन्य आरोपी ऋतिक यादव ने वारदात के बाद आरोपियों को छिपने में मदद की।
फायरिंग की घटना 1 फरवरी की देर रात सामने आई थी। इसके बाद मुंबई पुलिस ने निर्देशक की सुरक्षा बढ़ा दी थी। हरि बॉक्सर ने कथित तौर पर इस हमले की जिम्मेदारी भी ली थी। हालांकि पुलिस ने लगातार छापेमारी कर 15 दिनों के भीतर अब तक कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले सात लोगों को पुणे और उत्तर प्रदेश से पकड़ा गया था, जबकि 15 जनवरी को चार अन्य आरोपी हरियाणा-राजस्थान बॉर्डर से गिरफ्तार हुए थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात के बाद आरोपी अलग-अलग स्थानों पर छिपते रहे। कुछ दिन दिल्ली-एनसीआर के ठिकानों पर रुके, कुछ होटलों में ठहरे और बाद में बहादुरगढ़ के एक खेत के अंदर बने ठिकाने में छिपे हुए थे। पुलिस की तकनीकी निगरानी और स्थानीय इनपुट के आधार पर उनकी लोकेशन ट्रेस की गई।
अब गिरफ्तार चारों आरोपियों को आगे की पूछताछ के लिए मुंबई लाया जा रहा है। मामले की जांच मुंबई पुलिस की एंटी एक्सटॉर्शन सेल के इंस्पेक्टर सुनील पवार की टीम को सौंप दी गई है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि इस साजिश के पीछे और कौन-कौन शामिल हैं तथा क्या फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े अन्य लोगों को भी धमकी दी गई थी।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में लगातार हो रही गिरफ्तारियों ने साफ कर दिया है कि संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जोड़कर बड़ी वारदातों को अंजाम देने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि पूछताछ में और कौन से बड़े नाम सामने आते हैं और इस साजिश की जड़ तक पुलिस कब तक पहुंचती है।