Pune Cyber Fraud: पुणे में 75 वर्षीय डॉक्टर से शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 12.31 करोड़ की ठगी, फर्जी ऐप से लगाया बड़ा चूना

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Pune Cyber Fraud: पुणे में 75 वर्षीय डॉक्टर से शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 12.31 करोड़ की ठगी, फर्जी ऐप से लगाया बड़ा चूना

महाराष्ट्र के पुणे शहर से साइबर ठगी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 75 साल के एक वरिष्ठ डॉक्टर को ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर निशाना बनाकर जालसाजों ने 12.31 करोड़ रुपये की भारी ठगी कर ली। यह मामला सामने आने के बाद साइबर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और पूरे नेटवर्क की तलाश में जुट गई है।

पुलिस के अनुसार, यह पूरी साजिश जनवरी के आखिरी सप्ताह में शुरू हुई, जब डॉक्टर के पास एक अनजान नंबर से मैसेज आया। उस मैसेज में कुछ “ट्रेंडिंग” और “सुझाए गए” शेयरों की सूची के साथ एक लिंक भी भेजा गया था। जैसे ही डॉक्टर ने उस लिंक पर क्लिक किया, उन्हें एक WhatsApp ग्रुप में जोड़ दिया गया, जहां से ठगी की पूरी योजना को अंजाम दिया जाने लगा।

इस ग्रुप में मौजूद एडमिन ने खुद को एक बड़ी इंटरनेशनल फाइनेंस कंपनी का सीनियर अधिकारी बताया, जबकि एक अन्य सदस्य ने खुद को शेयर बाजार पर किताब लिखने वाला विशेषज्ञ लेखक बताया। इन लोगों ने लगातार निवेश से भारी मुनाफे के स्क्रीनशॉट और फर्जी दावे शेयर कर डॉक्टर का भरोसा जीतने की कोशिश की।

जांच में सामने आया है कि यह पूरा WhatsApp ग्रुप एक संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क का हिस्सा था, जिसका मकसद लोगों को फर्जी निवेश के जाल में फंसाना था। धीरे-धीरे डॉक्टर को एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप पर ले जाया गया, जिसका नाम एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनी से मिलता-जुलता था, ताकि वह असली प्लेटफॉर्म जैसा लगे।

इसके बाद डॉक्टर से उनकी व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी ली गई और उन्हें अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया गया। पुलिस के अनुसार, इन ट्रांजैक्शनों को फर्जी ऐप पर “निवेश” के रूप में दिखाया जाता था और साथ ही नकली मुनाफा भी स्क्रीन पर प्रदर्शित किया जाता था, जिससे पीड़ित को यह भ्रम होता रहा कि उसका पैसा बढ़ रहा है।

7 मार्च से 18 मार्च के बीच डॉक्टर ने कुल आठ अलग-अलग लेनदेन में 12.31 करोड़ रुपये निवेश किए। इस दौरान जालसाज लगातार उन्हें और अधिक निवेश करने के लिए दबाव डालते रहे। जब डॉक्टर ने आगे पैसे लगाने से इनकार किया, तो आरोपियों ने कथित तौर पर उनकी संपत्ति जब्त करने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।

बाद में फर्जी ऐप पर लगभग 54 करोड़ रुपये का भारी मुनाफा दिखाया गया, जिससे डॉक्टर का भरोसा और मजबूत किया गया। लेकिन जब उन्होंने अपने पैसे निकालने की कोशिश की, तो उन्हें बार-बार टाला गया और फिर से धमकियां दी गईं। इसी दौरान उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ बड़ा साइबर फ्रॉड हुआ है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद डॉक्टर ने साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और अब आरोपियों की पहचान, बैंक खातों और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय हो सकता है और कई फर्जी अकाउंट्स के जरिए पैसे को अलग-अलग जगह ट्रांसफर करता है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, WhatsApp ग्रुप या ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म पर बिना जांच के भरोसा न करें, क्योंकि ऐसे जालसाज बहुत ही प्रोफेशनल तरीके से लोगों को फंसाते हैं और बड़ी रकम की ठगी कर लेते हैं।

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