Jharkhand Air Ambulance Crash: चतरा में दर्दनाक हादसा, रांची से दिल्ली जा रहे विमान के सभी 7 लोगों की मौत

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Jharkhand Air Ambulance Crash: चतरा में दर्दनाक हादसा, रांची से दिल्ली जा रहे विमान के सभी 7 लोगों की मौत

झारखंड के चतरा जिले में मंगलवार शाम एक दर्दनाक विमान हादसे ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एंबुलेंस समरिया के जंगलों में क्रैश हो गई, जिसमें सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव दल तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किए गए।

जानकारी के अनुसार यह विमान रेडबर्ड कंपनी का बीचक्राफ्ट किंग एयर B90L था, जिसे एयर एंबुलेंस के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। फ्लाइट ने शाम करीब 7:10 से 7:11 बजे के बीच रांची एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। 7:30 बजे के आसपास विमान ने खराब मौसम की वजह से अपने मार्ग में बदलाव यानी डायवर्जन की अनुमति मांगी। इसके कुछ ही मिनटों बाद कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल से उसका संपर्क टूट गया और रडार से भी विमान गायब हो गया। थोड़ी देर बाद चतरा जिले के समरिया क्षेत्र के जंगलों में उसके क्रैश होने की सूचना मिली।

इस हादसे में कैप्टन विवेक विकास भगत, कैप्टन सबराजदीप सिंह, संजय कुमार, अर्चना देवी, धूरू कुमार, विकास कुमार गुप्ता और सचिन कुमार मिश्रा की जान चली गई। विमान में कुल सात लोग सवार थे और किसी के भी बचने की संभावना नहीं रही। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबे से शवों को बाहर निकाला गया।

रांची के देवकमल हॉस्पिटल के सीईओ अनंत सिन्हा ने समाचार एजेंसी PTI को बताया कि एयर एंबुलेंस की व्यवस्था एक गंभीर रूप से झुलसे मरीज के लिए की गई थी। लातेहार जिले के चंदवा निवासी 41 वर्षीय संजय कुमार को 16 फरवरी को करीब 65 प्रतिशत जलने की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका इलाज चल रहा था, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण परिजनों ने बेहतर उपचार के लिए उन्हें दिल्ली ले जाने का निर्णय लिया। मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे मरीज को अस्पताल से एयर एंबुलेंस के जरिए दिल्ली भेजा गया था। दुर्भाग्यवश रास्ते में ही यह भीषण हादसा हो गया।

नागर विमानन महानिदेशालय DGCA ने प्रारंभिक जानकारी देते हुए बताया कि विमान ने उड़ान भरने के कुछ समय बाद खराब मौसम के कारण रूट बदलने की अनुमति मांगी थी। इसके तुरंत बाद संचार और रडार संपर्क टूट गया। आशंका जताई जा रही है कि खराब मौसम और तकनीकी कारणों की संयुक्त वजह से यह दुर्घटना हुई हो सकती है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।

हादसे के बाद पूरे झारखंड में शोक की लहर है। राज्य सरकार ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और नागरिक उड्डयन से जुड़ी एजेंसियां ब्लैक बॉक्स और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दुर्घटना की वजह तलाशने में जुट गई हैं। यह हादसा एक बार फिर खराब मौसम में उड़ानों की सुरक्षा और एयर एंबुलेंस संचालन की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

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