Jammu Kashmir Accident: जम्मू-कश्मीर सड़क हादसा: उधमपुर में नाले में गिरा सीआरपीएफ बंकर वाहन, 3 जवान शहीद, 15 घायल

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Jammu Kashmir Accident: जम्मू-कश्मीर सड़क हादसा: उधमपुर में नाले में गिरा सीआरपीएफ बंकर वाहन, 3 जवान शहीद, 15 घायल

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हुआ, जिसमें सीआरपीएफ के तीन जवानों की जान चली गई और 15 से ज्यादा जवान घायल हो गए। यह दर्दनाक हादसा बसंतगढ़ इलाके के कंडवा क्षेत्र में उस वक्त हुआ जब एक सीआरपीएफ बंकर वाहन सड़क से फिसलकर एक गहरे नाले में जा गिरा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसे का शिकार हुआ वाहन सीआरपीएफ का बंकर ट्रक था, जिसमें कुल 23 जवान सवार थे। बताया जा रहा है कि वाहन एक मोड़ पर असंतुलित होकर खाई में गिर गया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई और स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

उधमपुर के एडिशनल एसपी संदीप भट ने जानकारी दी कि हादसे के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। घटनास्थल की स्थिति कठिन और दुर्गम होने के बावजूद जवानों और स्थानीय निवासियों के सहयोग से सभी घायल जवानों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

हादसे को लेकर पूरे देश में शोक की लहर है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “उधमपुर के पास हुए हादसे में सीआरपीएफ जवानों की मौत से दुखी हूं। देश के प्रति उनकी सेवा को हम कभी नहीं भूलेंगे। शोकग्रस्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं और घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं। अधिकारियों को बेहतर इलाज और सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।”

वहीं केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भी इस दर्दनाक हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने उधमपुर की डीसी सलोनी राय से बातचीत की है, जो हालात पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि स्थानीय लोग भी राहत एवं बचाव कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं और सभी घायलों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए सैन्य और नागरिक प्रशासन दोनों स्तरों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है, हालांकि प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि यह दुर्घटना सड़क की खराब हालत और तेज मोड़ के कारण हुई।

यह हादसा एक बार फिर से यह सवाल उठाता है कि सीमावर्ती और पहाड़ी इलाकों में सुरक्षा बलों की आवाजाही के दौरान सुरक्षा उपायों को और अधिक मजबूत करने की जरूरत है। जवानों की शहादत पर देश शोक में डूबा है और हर कोई उनकी वीरता और बलिदान को नमन कर रहा है।

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