Income Tax: ऐसे बचेगा 100 फीसदी इनकम टैक्स, वायरल हो रहा यह 3 स्टेप फॉर्मूला

Budget 2024: वित्त वर्ष 2024-25 के लिए देश का बजट पेश हो चुका है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने ओल्ड टैक्स रिजीम में बिना कोई बदलाव किए न्यू टैक्स रिजीम में शामिल लोगों को थोड़ी राहत दी है. हालांकि, कैपिटल गेन टैक्स और इंडेक्सेशन बेनिफिट पर हुए फैसलों से जनता का एक बड़ा वर्ग नाखुश है. सोशल मीडिया पर लोग इनकम टैक्स को लेकर मुखर हुए हैं. इन दिनों एक ऐसा ही वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक ब्लॉगर ने 100 फीसदी टैक्स बचाने की सलाह दी है. उन्होंने टैक्स बचाने के लिए 3 स्टेप का एक फॉर्मूला भी दिया है.
नौकरी करने वालों को दी घास उगाने की सलाह
कर्नाटक के उडुपी के रहने वाले ट्रेवल ब्लॉगर श्रीनिधि हांडा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह वीडियो पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने सैलरीड लोगों को सलाह दी है कि वो कैसे अपना 100 फीसदी टैक्स बचा सकते हैं. इसके लिए उन्होंने नौकरी करने वालों को घास उगाने की सलाह दी है. इसके बाद आप अपने एचआर से बोल दें कि आपको काम के बदले सैलरी नहीं चाहिए. हालांकि, कंपनी ओके आपसे वह घास खरीदनी पड़ेगी. आप अपनी सैलरी के बराबर की रकम घास बेचने के बदले कंपनी से ले लें.
एग्रीकल्चर प्रोडक्ट से हुई कमाई पर नहीं लगता टैक्स
वीडियो में वह आगे कहते हैं कि चूंकि भारत में एग्रीकल्चर प्रोडक्ट को बेचने से होने वाले कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगता. ऐसे में घास के बदले कंपनी से मिलने वाला पैसा इनकम टैक्स फ्री हो जाएगा. अब चूंकि आप सैलरी नहीं ले रहे तो सरकार आपसे इनकम टैक्स भी नहीं ले पाएगी. इसके बाद आपको न तो टीडीएस और न ही इनवेस्टमेंट की चिंता रहेगी. आप आराम से अपने कमाए पैसे से मौज कर सकते हैं. इस मजाकिया वीडियो ने सोशल मीडिया पर लोगों को हैरान कर दिया है. कुछ लोगों ने तो सरकार से इस लूपहोल को बंद करने की अपील तक कर डाली है. साथ ही लोग भारत की टैक्स व्यवस्था पर भी रोचक चर्चा कर रहे हैं.
बजट में बदले गए थे टैक्स स्लैब औरस्टैंडर्ड डिडक्शन
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट को मिडिल क्लास को राहत पहुंचाने वाला बताया था. उन्होंने टैक्स स्लैब में बदलाव के साथ ही स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाकर 75 हजार रुपये कर दिया था. ऐसा दावा किया जा रहा है कि 7 लाख रुपये तक कमाने वालों को कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा. इसके अलावा 10 लाख रुपये तक के शिक्षा लोन पर सब्सिडी और सस्ते घरों की मदद से भी मिडिल क्लास को राहत पहुंचाने की बात की गई थी.