Ghaziabad suicide case: इंडियन नाम से चिढ़ जाती थीं तीनों बहनें, कोरिया जाने का सपना और मोबाइल की लत, गाजियाबाद सुसाइड केस में पिता का नया बयान
Ghaziabad suicide case: इंडियन नाम से चिढ़ जाती थीं तीनों बहनें, कोरिया जाने का सपना और मोबाइल की लत, गाजियाबाद सुसाइड केस में पिता का नया बयान
गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों द्वारा 9वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या किए जाने का मामला लगातार और उलझता जा रहा है। इस दर्दनाक घटना में अब एक बार फिर पिता का बयान सामने आया है, जिसने पूरे मामले को नई दिशा दे दी है। पिता ने स्वीकार किया है कि तीनों बच्चियों ने अपनी एक अलग कोरियन पर्सनैलिटी बना ली थी और उन्होंने अपने नाम तक बदल लिए थे। उनका कहना है कि बच्चों में कोरिया को लेकर जबरदस्त जुनून था और वे खुद को भारतीय पहचान से दूर महसूस करने लगी थीं।
पिता के मुताबिक बच्चियां कोरियन ड्रामा, डांस वीडियो और ऑनलाइन गेम्स की आदी हो चुकी थीं। वे बार-बार कोरिया जाने की जिद करती थीं और कहती थीं कि अगर कोरिया नहीं गए तो वे मर जाएंगी। पिता ने बताया कि उन्हें ‘इंडियन’ नाम से गुस्सा आता था और हालात यहां तक पहुंच गए थे कि वे भारत से जुड़ा खाना तक नहीं खाती थीं। उनका कहना है कि यह सब पिछले तीन-चार सालों से चल रहा था और उन्होंने कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन बच्चों की सोच पूरी तरह बदल चुकी थी।
पिता ने यह भी साफ किया कि उनका 20 से 30 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ था, लेकिन यह किसी भी हाल में बच्चियों के आत्महत्या करने की वजह नहीं हो सकता। उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन शाम को भी बच्चों से बात हुई थी। पिता ने कहा कि उन्होंने बच्चों से खाना खाकर सोने को कहा, लेकिन बच्चियों ने फिर कोरिया जाने की बात दोहराई। उसी शाम करीब 7 बजे उन्होंने बच्चों का मोबाइल फोन ले लिया था, लेकिन रात करीब 10 बजे बच्चियों ने दोबारा मोबाइल हासिल कर लिया और रात 12 बजे तक उसका इस्तेमाल किया। बाद में उनकी पत्नी ने मोबाइल वापस ले लिया। इसके बाद तीनों बच्चियां कंबल से निकलकर मंदिर वाले कमरे में गईं, अंदर से दरवाजा बंद किया और फिर जो हुआ, उसकी जानकारी परिवार को तब मिली जब नीचे बच्चियों के शव मिले।
पिता ने यह भी स्वीकार किया कि वह कभी-कभी गुस्सा करते थे और उन्होंने बच्चों के मोबाइल में कोरियन डांस वीडियो और ड्रामे देखे थे। स्कूल शिक्षकों ने भी उन्हें सलाह दी थी कि पहले बच्चों की मानसिक स्थिति बदलिए, क्योंकि मौजूदा हालात में वे पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पा रही थीं।
इस पूरे मामले में पहले भी सामने आ चुका है कि बच्चियों ने सुसाइड नोट में ‘सॉरी मम्मी, सॉरी पापा’ लिखकर मौत को गले लगाया था। पिता का पहले का दावा था कि लड़कियां एक ऑनलाइन कोरियन गेम खेलती थीं और मंगलवार को उस गेम का आखिरी टास्क था, जिसे पूरा करने के बाद उन्होंने यह खौफनाक कदम उठा लिया। हालांकि पुलिस इस थ्योरी समेत सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है।
मामले को और संवेदनशील बनाता है परिवार का जटिल ढांचा। बच्चियों के पिता ने दो शादियां की थीं और दोनों पत्नियां आपस में सगी बहनें थीं। पहली पत्नी से संतान न होने पर उन्होंने उसकी छोटी बहन से दूसरी शादी की थी। दूसरी पत्नी से तीन बच्चे हुए, जबकि बाद में पहली पत्नी से भी दो संतानें हुईं। आत्महत्या करने वाली तीन बच्चियों में दो दूसरी पत्नी की बेटियां थीं और एक पहली पत्नी की बेटी थी। सभी एक ही घर में साथ रहते थे। यह दर्दनाक घटना 3 और 4 फरवरी की दरम्यानी रात करीब ढाई बजे गाजियाबाद के थाना टीला मोड़ क्षेत्र स्थित भारत सिटी में हुई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और यह जानने की कोशिश में जुटी है कि आखिर तीन मासूम जिंदगियां इतना बड़ा कदम उठाने के लिए क्यों मजबूर हुईं।